
धनतेरस के शुभ अवसर पर मध्यप्रदेश में ग्रामीण परिवारों को संपत्ति का कानूनी अधिकार दिलाने के लिए विशेष रजिस्ट्री अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव आज मुरैना जिले के ग्राम करुआ में मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत आयोजित पंजीयन अभियान में शामिल होंगे। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
इस अभियान के तहत प्रदेश के चयनित गांवों में मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की मौजूदगी में पात्र हितग्राहियों की संपत्तियों का शत-प्रतिशत पंजीयन कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और सभी पात्र हितग्राहियों तक इसका लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि संपत्तियों की पक्की रजिस्ट्री कराने का अभियान लगातार जारी रहेगा।
सरकार भरेगी रजिस्ट्री का स्टांप शुल्क
मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे लोगों को संपत्ति का पक्का कानूनी दस्तावेज उपलब्ध कराया जा रहा है जिनके पास मकान या प्लॉट का पट्टा तो है, लेकिन उसकी रजिस्ट्री नहीं हुई है। ऐसे पात्र हितग्राहियों की संपत्तियों की रजिस्ट्री का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि रजिस्ट्री के लिए लगने वाला स्टांप शुल्क सरकारी खजाने से जमा किया जाएगा। इससे हितग्राहियों को अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए स्वयं राशि खर्च नहीं करनी पड़ेगी।
15 नवंबर तक 20 लाख रजिस्ट्रियों का लक्ष्य
योजना के तहत प्रदेश में अब तक 17 लाख 9 हजार से अधिक रजिस्ट्रियां पूरी की जा चुकी हैं। राज्य सरकार ने 15 नवंबर तक इस आंकड़े को 20 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए धनतेरस पर विशेष अभियान चलाने के साथ जनप्रतिनिधियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को अपने पैतृक गांव अथवा पसंद के किसी अन्य गांव में पहुंचकर पात्र हितग्राहियों की रजिस्ट्री अपनी मौजूदगी में पूरी कराने के निर्देश दिए हैं। जिला कलेक्टरों को प्रभारी मंत्रियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर अभियान को सफल बनाने के लिए कहा गया है। जिन गांवों में शत-प्रतिशत पंजीयन पूरा होगा, वहां जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
बैंक ऋण लेने और संपत्ति के क्रय-विक्रय में मिलेगी सुविधा
ग्रामीण आबादी क्षेत्र में मकान और अन्य संपत्तियों का सर्वेक्षण कर पात्र लोगों को अधिकार अभिलेख और स्वामित्व संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पक्की रजिस्ट्री होने से संपत्ति पर उनका कानूनी अधिकार अधिक स्पष्ट और सुरक्षित होगा। इसके आधार पर वे बैंक से ऋण लेने और अन्य वित्तीय सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र हो सकेंगे। साथ ही संपत्ति के क्रय-विक्रय की प्रक्रिया भी सुगम होगी।
संपत्ति का अधिकार, आत्मनिर्भरता का आधार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव "मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना" के तहत स्वामित्व दस्तावेजों के पंजीयन अभियान में करेंगे सहभागिता
💠 धनतेरस के पावन अवसर पर चयनित ग्रामों में शत-प्रतिशत पंजीयन के लिए विशेष अभियान
🗓️ 6 नवंबर 2026
📍 ग्राम करुआ,… pic.twitter.com/5uO6OusQBR— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) November 6, 2026
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

