‘MP की बदहाली की असली वजह कृषि संकट नहीं आर्थिक अराजकता है’ जीतू पटवारी ने सरकार से किए सवाल

उन्होंने कहा कि जब राज्य की आधी से अधिक आबादी खेती पर निर्भर हो और कृषि को नीति के केंद्र में न रखा जाए तो पूरी अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जब तक कृषि को आय, बाजार और संसाधनों के स्तर पर स्थिर नहीं किया जाएगा तब तक मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था वास्तविक मजबूती हासिल नहीं कर पाएगी।
Jitu Patwari

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कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मध्यप्रदेश की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि प्रदेश की बदहाली की असली वजह सिर्फ कृषि संकट नहीं, बल्कि आर्थिक अराजकता है। उन्होंने कहा कि जिस राज्य की आधी से अधिक आबादी की आजीविका खेती और उससे जुड़े कार्यों पर निर्भर हो वहां कृषि को नजरअंदाज कर कोई भी आर्थिक मॉडल टिकाऊ नहीं हो सकता।

कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को समझने के लिए जटिल वैश्विक तुलना की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि यहां की आर्थिक सेहत का सबसे सटीक पैमाना आज भी कृषि है। जब 60 प्रतिशत से अधिक आबादी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से खेती पर निर्भर हो और उसी कृषि का योगदान राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में सीमित होता जाए तो यह सिर्फ संरचनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि नीतिगत विफलता का संकेत है।

जीतू पटवारी ने कृषि वाली आय और प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर किए सवाल

जीतू पटवारी ने कहा है कि कृषि आय में अस्थिरता का असर सिर्फ किसानों तक सीमित नहीं रहता बल्कि ग्रामीण मांग, उपभोग, स्थानीय व्यापार और रोजगार पर भी पड़ता है। यही वजह है कि औद्योगिक निवेश और शहरी विकास के दावों के बावजूद जमीनी अर्थव्यवस्था में अपेक्षित गति नहीं दिखती। उन्होंने कहा कि जब गांव के हाथ में पैसा नहीं होता तो शहर की अर्थव्यवस्था भी सुस्त हो जाती है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य की खेती के अत्यधिक फसल-निर्भर ढांचे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सोयाबीन जैसी कुछ चुनिंदा फसलों पर अत्यधिक निर्भरता ने पूरी अर्थव्यवस्था को जोखिम में डाल दिया है। मानसून आधारित खेती, अंतर्राष्ट्रीय बाजार से प्रभावित दाम औ रएमएसपी की प्रभावी गारंटी के अभाव में किसान की आय हर साल अनिश्चित बनी रहती है। उन्होंने सिंचाई संकट, बढ़ती उत्पादन लागत, कमजोर मंडी व्यवस्था और सीमित सरकारी खरीदी को भी कृषि अस्थिरता के बड़े कारण बताए।

‘राज्य की आर्थिक स्थिरता के लिए अलार्म’

जीतू पटवारी ने कहा कि इन सभी कारणों का असर यह है कि कृषि आज मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के बजाय उसे थामे खड़ी है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कृषि संकट नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिरता के लिए चेतावनी है। कांग्रेस नेता ने कहा कि असली सवाल यह नहीं है कि किसानों को कितनी योजनाएं दी गईं, बल्कि यह है कि क्या कृषि को राज्य की आर्थिक नीति के केंद्र में रखा गया। उन्होंने कहा कि जब तक कृषि को आय, बाजार और संसाधनों के स्तर पर स्थिर नहीं किया जाएगा, तब तक मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूती के दावे तो करेगी, लेकिन वास्तविक मजबूती हासिल नहीं कर पाएगी।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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