
Kamal Nath
मध्यप्रदेश में खाद संकट को लेकर कमलनाथ ने एक बार फिर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि खाद संकट में एमपी देश में अव्वल राज्य बनता जा रहा है जहां किसानों को इसके लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। इसी के साथ उन्होंने सरकार से मांग की है कि हर जिले में खाद की मांग और आपूर्ति के अंतर का आकलन करे और एक सप्ताह के भीतर किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश जैसे कृषि प्रधान राज्य में जहां 70 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है खाद का यह कुप्रबंधन बताता है कि मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार के पास ना नीति है और नीयत। उन्होंने आरोप लगाया कि खाद उपलब्ध कराने की जगह सरकार ने झूठे बयान और आश्वासन दिए और जब इससे भी काम नहीं चला तो किसानों की आवाज़ दबाने की कोशिश की गई।
खाद संकट पर सरकार को घेरा
कमलनाथ ने भाजपा सरकार पर खाद संकट से निपटने में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। न ही सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि प्रदेश में खाद की कितनी मात्रा उपलब्ध है और कितनी अतिरिक्त खाद की जरूरत है। उन्होंने यह भी पूछा कि इस कमी को पूरा करने में कितना समय लगेगा इस बात पर भी बीजेपी मौन साधे हुए है।
कमलनाथ ने किसानों के लिए की ये मांग
कांग्रेस नेता ने सरकार पर झूठे आश्वासनों और बयानबाजी का सहारा लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब आश्वासनों से काम नहीं चला तो सरकार ने किसानों की आवाज दबाने की कोशिश की। उन्होंने इसे कुप्रबंधन का स्पष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि यह स्थिति सरकार की नाकामी को दर्शाती है। कमलनाथ ने सरकार से मांग की है क हर जिले में खाद की मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर स्पष्ट रूप से समझा जाए और एक सप्ताह के भीतर खाद किसानों को उपलब्ध कराई जाए।
मध्य प्रदेश खाद संकट में देश का अव्वल राज्य बनता जा रहा है। प्रदेश के कई ज़िलों में खाद के लिए परेशान किसानों में आपसी मारपीट की ख़बरें भी सामने आने लगी हैं।
अगर ध्यान से देखें तो पिछले दो महीनों में प्रदेश के हर इलाक़े से खाद की क़िल्लत के समाचार आए हैं। किसानों को लंबी लंबी… pic.twitter.com/dA537Hquiu
— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) September 16, 2025
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

