MP Intern Doctors Stipend: 21,500 रुपये होगा इंटर्न डॉक्टर्स का स्टाइपेंड, डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल के साथ बैठक में बनी सहमति

स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे मध्य प्रदेश के इंटर्न डॉक्टर्स की उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के साथ बैठक हुई। स्टाइपेंड 21,500 रुपये प्रतिमाह करने पर सहमति बनी है, अब औपचारिक आदेश का इंतजार है।
MP Intern Doctors Stipend Deputy CM Rajendra Shukla

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मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे इंटर्न डॉक्टर्स को बड़ी राहत मिल सकती है। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के साथ हुई बैठक में इंटर्न डॉक्टर्स का स्टाइपेंड बढ़ाकर 21,500 रुपये प्रतिमाह करने पर सहमति बनी है। अब इससे संबंधित औपचारिक घोषणा और आदेश का इंतजार है।

इंटर्न डॉक्टर्स के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। बैठक में PMTA अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीय और डॉ. हितेश वाजपेयी भी मौजूद रहे। बातचीत के बाद स्टाइपेंड 21,500 रुपये किए जाने की जानकारी सामने आई है।

लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग

प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टर लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। जुलाई में भी इसे लेकर आंदोलन हुआ था। इसके बाद सितंबर में मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टर एक बार फिर प्रदर्शन पर उतरे।

भोपाल में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और इंटर्न डॉक्टर्स के बीच टकराव के बाद मामला और गरमा गया था। पुलिस कार्रवाई का चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने विरोध किया। इसके बाद दो पुलिस अधिकारियों को लाइन अटैच करने और पूरे घटनाक्रम की जांच गृह सचिव से कराने की बात सामने आई। मेडिकल टीचर एसोसिएशन भोपाल ने सरकार की इस कार्रवाई का स्वागत किया था।

अब औपचारिक आदेश का इंतजार

उप मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक के बाद स्टाइपेंड को 21,500 रुपये प्रतिमाह करने पर सहमति बनने से लंबे समय से चल रहे विवाद के समाधान का रास्ता खुल गया है। हालांकि बढ़ा हुआ स्टाइपेंड कब से लागू होगा और इससे संबंधित अन्य शर्तें क्या होंगी, यह औपचारिक आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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