सोयाबीन की ‘राजधानी’ रहा मध्यप्रदेश दूसरे नंबर पर खिसका, जीतू पटवारी ने शिवराज सिंह चौहान पर साधा निशाना

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय कृषि मंत्री को घेरते हुए कहा कि केंद्र की नीतिगत उदासीनता और खरीदी व्यवस्था की कमजोरियों का सीधा असर किसानों पर पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोयाबीन और चना उत्पादन में गिरावट मध्यप्रदेश की कृषि पहचान और किसानों की आय..दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
MP Congress Jitu Patwari

Jitu Patwari

सोयाबीन खेती के लिए जाना जाने वाले मध्यप्रदेश में अब इस फसल की पैदावार घट रही है। लंबे समय तक देश का सबसे बड़ा सोयाबीन उत्पादक राज्य रहने के बावजूद, हाल के वर्षों में उत्पादन और क्षेत्रफल में गिरावट देखी जा रही है। इसी के साथ चने की पैदावार में भी कमी आई है। इसे लेकर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।

जीतू पटवारी ने संसद में पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के आंकड़ों का हवाला देते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सोयाबीन उत्पादन में अव्वल रहने वाला मध्यप्रदेश अब दूसरे नंबर पर आ गया है। वहीं, चना उत्पादन में भी महाराष्ट्र आगे निकल गया है। उन्होंने इसे केंद्र की उपेक्षा और मध्य प्रदेश के किसानों के साथ अन्याय करार दिया है।

सोयाबीन फसल के उत्पादन में गिरावट

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को घेरते हुए कहा है कि सोयाबीन और चना जैसे प्रमुख कृषि उत्पादों में मध्यप्रदेश अपनी अग्रणी पहचान खो रहा है। उन्होंने कहा है कि महाराष्ट्र इन फसलों की पैदावार में अब मध्यप्रदेश से आगे निकल चुका है और प्रदेश में इसके उत्पादन में हो रही गिरावट चिंता का विषय है। कांग्रेस नेता ने संसद में पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि इस स्थिति को लेकर सवाल किए हैं।

जीतू पटवारी ने शिवराज सिंह चौहान से किए सवाल

जीतू पटवारी ने शिवराज सिंह चौहान को संबोधित करते हुए कहा कि  उत्पादन, खरीदी, राज्य की नीति और केंद्र की मदद के इस मकड़जाल में लगता नहीं कि आप अपने गृह-राज्य के लिए मददगार हैं। उन्होंने कहा कि “संभवतः आप देश के ‘सबसे-असफल’ केंद्रीय कृषि मंत्री होंगे, जो अपने ही प्रदेश को मिली हुई प्रसिद्धि-पहचान खोने के गवाह बने हैं। हो सकता है मप्र के मुख्यमंत्री से आपकी कोई निजी अदावत हो, लेकिन इसकी कीमत मध्य प्रदेश के किसान कब तक चुकाएंगे।’ बता दें कि मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था में सोयाबीन और चना फसल की बड़ी भूमिका है। लेकिन इन फसलों की घटती पैदावार कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है जिसे लेकर कांग्रेस सरकार पर हमलावर है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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