
Shivraj-Kamal Nath questions each other : सवाल पूछने के क्रम में शुक्रवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल सत्ता के लिए राजनीति करती चली आई है और सत्ता प्राप्त करने के लिए किसी भी हद तक झूठ बोल सकती है। उन्होने कहा कि इसीलिए वो रोज उनके वचन पत्र से जुड़े एक वादे को सवाल के रूप में सामने ला रहे हैं ताकि जनता जान सके कि उसने कितने झूठे वादे किए हैं। वहीं कमलनाथ ने सीएम शिवराज को घेरते हुए उन्हें झूठ की मशीन कहा है।
शिवराज का कांग्रेस पर आरोप
सीएम शिवराज ने कहा कि बीजेपी के लिए सत्ता साध्य नहीं साधन है। उन्होने कहा कि अनेक योजनाओं के माध्यम से वो निरंतर प्रदेश की जनता की सेवा करने के लिए प्रयासरत है। इसी के साथ उन्होने आरोप लगाया कि कांग्रेस सिर्फ सत्ता प्राप्ति के लिए जनता से झूठे वादे करती आई है। उन्होने आज अपन सवाल में पूछा कि ‘कांग्रेस ने सहायक कृषि आधारित उद्योग जैसे पशुपालन, डेयरी उद्योग, कुक्कुट पालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी के लाभ के लिए किसानों को रियायती दरों पर बैंक से ऋण देने का वचन किया था। कमलनाथ जी बताएं सवा साल में क्या किया ?’
कमलनाथ ने कहा ‘झूठ की मशीन’
वहीं कमलनाथ ने भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर आरोप जड़ते हुए कहा कि ‘झूठइ लेना, झूठइ देना। झूठइ भोजन, झूठ चबेना। बोलहिं मधुर बचन जिमि मोरा। खाइ महा अहि हृदय कठोरा।। शिवराज जी, आप जैसी झूठ की मशीनों के लिए सदियों पहले रामचरितमानस में यह चौपाई लिखी गई थी। इसलिए भगवान से डरिए और झूठी घोषणाएं बंद कर दीजिए। जनता को पुरानी झूठी घोषणाओं का हिसाब दीजिए। आपने भाजपा के दृष्टि पत्र में घोषणा की थी कि हम ढाई लाख करोड़ रुपयों के निवेश के माध्यम से प्रदेश के सिंचित क्षेत्र को अगले 5 वर्षों में दोगुना करेंगे। जनता को सच बताइए कि कितना सिंचित क्षेत्र इस कार्यकाल में बढ़ाया या सिर्फ भ्रष्टाचार ही दोगुना किया है।’ इस तरह शिवराज-कमलनाथ का एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।
कांग्रेस केवल सत्ता के लिए राजनीति करती चली आई है।
कांग्रेस ने सहायक कृषि आधारित उद्योग जैसे पशुपालन, डेयरी उद्योग, कुक्कुट पालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी के लाभ के लिए किसानों को रियायती दरों पर बैंक से ऋण देने का वचन किया था।
कमलनाथ जी बताएं सवा साल में क्या किया? pic.twitter.com/07f8jw0jqz
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) February 10, 2023
झूठइ लेना, झूठइ देना। झूठइ भोजन, झूठ चबेना।
बोलहिं मधुर बचन जिमि मोरा। खाइ महा अहि हृदय कठोरा।।
शिवराज जी, आप जैसी झूठ की मशीनों के लिए सदियों पहले रामचरितमानस में यह चौपाई लिखी गई थी। इसलिए भगवान से डरिए और झूठी घोषणाएं बंद कर दीजिए। जनता को पुरानी झूठी घोषणाओं का हिसाब दीजिए।— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) February 10, 2023
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

