MP News : मोहन के सुशासन को पलीता लगाते परिवहन विभाग के अधिकारी, देश भर में बदनाम हो रही मध्य प्रदेश की छवि

अवैध वसूली को लेकर हालत किस कदर खराब है कि मध्य प्रदेश ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन लगातार सरकार को अल्टीमेटम दे रही है कि वह अगर अवैध वसूली बंद नहीं करेगी तो सड़क पर वाहनों के स्टेयरिंग जाम कर दिए जाएंगे। लेकिन उसके बावजूद परिवहन विभाग के आला अधिकारी किसी की एक नहीं सुन रहे।
Transport Department Madhya Pradesh

MP News : मध्य प्रदेश में परिवहन विभाग के अधिकारी इन दिनों देशभर में सरकार की बदनामी का कारण बन रहे हैं। दरअसल परिवहन चेक पोस्टों पर हो रही अवैध वसूली ट्रांसपोर्ट व्यवसाईयों के लिए मुसीबत का सबक बन गई है। हालात इस कदर खराब है कि अवैध वसूली के लिए ट्रांसपोर्टरों के साथ मारपीट तक की जा रही है और कई बार यह मारपीट जानलेवा तक साबित हो रही है।

 विभागीय मंत्री गडकरी परिवहन अधिकारियों को दे चुके हैं चंबल के डकैत की संज्ञा 

देश के तत्कालीन परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मध्य प्रदेश में परिवहन चेक पोस्टों पर हो रही लूट से आजिज आकर प्रदेश के परिवहन अधिकारियों को चंबल के डकैत तक की संज्ञा दी थी। तब इस बयान पर काफी बवाल मचा और परिवहन चेक पोस्टों पर हो रही वसूली को नियंत्रित करने के प्रयास भी किए गये। लेकिन शिवराज सरकार के पिछले कार्यकाल में मानो इस अवैध वसूली को खुला प्रश्रय मिल गया। हालत ये हुई कि परिवहन चेक पोस्टों की खुलेआम नीलामी की जाने लगी और विभाग के ही रिटायर और वर्तमान अधिकारी चेकपोस्टों का ठेका लेकर वसूली का हिस्सा ऊपर पहुंचाने का दम भरने लगे।

पिछली सरकार में मिला प्रश्रय, बिना अवैध वसूली  चैक पोस्ट से नहीं निकल पाते वाहन   

परिवहन की मोटी कमाई के भ्रष्टाचार का खून किस कदर मुंह लगा कि विभाग के एक आरक्षक स्तर के कर्मचारी ने अनिवार्य सेवा निवृत्ति ले ली और वह सत्ताधारी नेताओं के साथ इस लूट खसोट का पार्टनर हो गया। अब हालात यह है कि मध्य प्रदेश के 39 परिवहन चेक पोस्टों में बिना अवैध वसूली के किसी भी व्यावसायिक वाहन को गुजरने नहीं दिया जाता। यदि कोई वाहन चालक अवैध वसूली देने से इनकार करता है तो उसके साथ न केवल गाली गलौज की जाती है बल्कि जम के मारपीट भी होती है।

अवैध वसूली देने से इनकार करने पर ट्रक ड्राइवर से मारपीट, पुलिस ने नहीं लिखी रिपोर्ट 

अभी चार दिन पहले की ही बात है कि मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में स्थित परिवहन विभाग के सेंधवा बैरियर पर मिथिलेश कुमार गौतम नाम के ट्रक ड्राइवर के साथ जमकर मारपीट की गई क्योंकि उसने अवैध वसूली देने से इनकार कर दिया था। इस ट्रक ड्राइवर की गाड़ी गुजरात नंबर की थी और वह कानपुर से मुंबई भाड़ा लेकर जा रहा था। उसने आरोप लगाया कि सरकारी नम्बर की गाड़ी में आये लोगों ने उसके साथ मारपीट की,  ड्राइवर ने स्थानीय पुलिस थाने में अपनी रिपोर्ट लिखानी चाही लेकिन किसी भी अधिकारी ने उसकी एक न सुनी।

ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन लगातार दे रही अल्टीमेटम, परिवहन विभाग को नहीं परवाह 

अवैध वसूली को लेकर हालत किस कदर खराब है कि मध्य प्रदेश ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन लगातार सरकार को अल्टीमेटम दे रही है कि वह अगर अवैध वसूली बंद नहीं करेगी तो सड़क पर वाहनों के स्टेयरिंग जाम कर दिए जाएंगे। लेकिन उसके बावजूद परिवहन विभाग के आला अधिकारी किसी की एक नहीं सुन रहे।

परिवहन  विभाग के बड़े अफसरों की चुप्पी सवालों के घेरे में  

हैरत की बात यह है कि परिवहन विभाग के आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्त इन सारी चीजों के प्रति आंखें मूंद कर बैठे हुए हैं और साफ तौर पर लगता है कि कहीं ना कहीं इस पूरी अवैध वसूली को अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है। हालांकि मुख्यमंत्री मोहन यादव लगातार सार्वजनिक मंचों से कह चुके हैं कि भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर मध्य प्रदेश में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा लेकिन उसके बावजूद इस तरह की अवैध वसूली पूरे देश के अंदर प्रदेश को बदनाम कर रही है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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