MP Politics: BJP के पूर्व विधायक ने की इस्तीफे की पेशकश, पार्टी में हड़कंप

MP Politics: BJP के पूर्व विधायक ने की इस्तीफे की पेशकश, पार्टी में हड़कंप

भोपाल।
उपचुनाव (by election) से पहले एमपी ( MP Politics) की राजनीति में उथल-पुथल का दौर जारी है। खास करके बीजेपी में नए मेहमानों की एंट्री से अंतर्कलह और अंसतोष का माहौल पनप रहा है।मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों की बंटवारे (Cabinet expansion and division of departments) के बाद अब बीजेपी नेता (BJP Leader) तवज्जों ना मिलने से अपनी ही पार्टी में उपेक्षा और अपमान महसूस कर रहे है, जिसका नतीजा ये निकलकर सामने आ रहा है कि कुछ बगावत कर रहे है तो कुछ इस्तीफे की पेशकश कर पार्टी से किनारा करने की कोशिश में लगे हुए है।

ताजा मामला दतिया से सामने आया है, यहां के सेवड़ा विधानसभा से पूर्व विधायक रामदयाल प्रभाकर ने इस्तीफे की पेशकश की है।प्रभाकर ने प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा को इस संबंध में चिट्ठी लिखी है।प्रभाकर ने पार्टी की प्राथमिक सदस्य के साथ सभी पदों से इस्तीफा देने की पेशकश की है।प्रभाकर ने पार्टी में तानाशाही होने का आरोप लगाया है वही उनकी उपेक्षा और अपमान की भी बात कही है। प्रभाकर की चिट्ठी के बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है वही बीजेपी में हड़कंप मच गया है।उपचुनाव से पहले बीजेपी को अपनों की नाराजगी भारी पड़ती नजर आ रही है, हालांकि पार्टी द्वारा बार बार दावा किया जा रहा है कि कोई डैमेज नही है सब कंट्रोल में है , लेकिन आए दिन घट रहे घटनाक्रम तो संकेत कुछ और ही दे रहे है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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