MP News: इन छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति बढ़ी, आदेश जारी, नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू, अब हर माह मिलेंगे इतने रुपए

जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनजातीय वर्ग के छात्रों की बेहतर शिक्षा के लिए सतत‍ निर्णय ले रही है। इसी क्रम में राज्य शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है।
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मध्य प्रदेश सरकार ने जनजातीय कार्य विभाग के छात्रावासों और आश्रमों में रहने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए  शिष्यवृत्ति (स्कॉलरशिप) दरों में बढ़ोतरी की है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी। इस संबंध में विभाग द्वारा 29 जून 2026 को आदेश भी जारी कर दिया गया है।

जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, शिष्यवृत्ति की दरों में यह वृद्धि मार्च महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (महंगाई सूचकांक) को आधार मानकर की गई है। यह राशि छात्रावास एवं आश्रम में निवासरत अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों को मिलेगी। जारी आदेश के अनुसार, अब छात्रावास एवं आश्रमों में रहने वाले छात्रों को 1,720 रुपये प्रतिमाह तथा छात्राओं को 1,770 रुपये प्रतिमाह शिष्यवृत्ति प्रदान की जाएगी।

जनजातीय कार्य विभाग के वित्तीय सलाहकार द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बढ़ी हुई छात्रवृत्ति का भुगतान 1 जुलाई 2026 से किया जाएगा। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के हजारों आदिवासी छात्र-छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा। ​छात्रों को पढ़ाई, भोजन और अन्य जरूरी खर्चों में मदद मिलेगी।

जनजातीय विद्यार्थियों के सशक्त भविष्य की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वर्ष 2026-27 के लिए अनुसूचित जनजाति छात्रावासों एवं आश्रमों में रहने वाले विद्यार्थियों की शिष्यवृत्ति में वृद्धि कर बालकों के लिए ₹1,720 एवं बालिकाओं के लिए ₹1,770 प्रतिमाह करने का निर्णय लिया गया है। यह वृद्धि 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी। हर जनजातीय विद्यार्थी को बेहतर अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना हमारी प्रतिबद्धता है।       डॉ मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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