डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा नया अध्यादेशः वीडी शर्मा

डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा नया अध्यादेशः वीडी शर्मा

भोपाल। देश भर में स्वास्थ्यकर्मियों पर हो रहे हमले को देखते हुए केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कोरोना वॉरियर्स और हेल्थ वर्कस की सुरक्षा को लेकर नए अध्यादेश लाया गया| सरकार ने कहा कि देश में स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा| मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने फैसले का स्वागत किया है| उन्होंने कहा केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 123 साल पुराने महामारी कानून में जो संशोधन किया गया है, वह एक स्वागत योग्य कदम है। इस संशोधन के द्वारा डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले को गैर जमानती अपराध घोषित करके इसके लिए सजा का प्रावधान किया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों पर हो रहे हमलों के कारण कोरोना महामारी पर नियंत्रण के काम में काफी मुश्किलें आ रही हैं। मध्यप्रदेश में भी ऐसे कई मामले हुए हैं। लेकिन अब केंद्र सरकार ने महामारी कानून में जो संशोधन किया है, उसके बाद इस तरह की घटनाओं पर रोक लगेगी और डॉक्टर तथा स्वास्थ्यकर्मी पूरी निश्चिंतता के साथ अपना काम कर सकेंगे।

श्री शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने नए संशोधन के बाद डॉक्टरों तथा स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले को गैर जमानती अपराध घोषित कर दिया है। इसके साथ ही इसके लिए 7 साल तक की सजा एवं 5 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसके चलते कोई भी व्यक्ति डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी पर हमला करने के पूर्व दो बार सोचने पर विवश होगा

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews