मध्यप्रदेश मे अब शिवाजी पर जंग, BJP-कांग्रेस आमने सामने

मध्यप्रदेश मे अब शिवाजी पर जंग, BJP-कांग्रेस आमने सामने

भोपाल।
छिंदवाड़ा में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति को लेकर जमकर सियासत गर्माई हुई है। राजनैतिक दलों के बीच बयानबाजी का दौर तेजी से चल रहा है।अब पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बयान सामने आया है। शिवराज का कहना है कि आज मैं छिंदवाड़ा जिले के सौसर जा रहा हूं। कांग्रेस का शगल बन गया है महापुरुषों का अपमान करना। वही सांसद नकुलनाथ द्वारा शिवाजी की मूर्ति का खर्चा उठाने को लेकर कहा कि तुम्हारे पैसे से क्यों लगेगी प्रतिमा । सामर्थ्य है सौसर की जनता में , राष्ट्रभक्त वहां अभी जिंदा है। छत्रपति शिवाजी महाराज के भक्त भी जिंदा है। जनभागीदारी से प्रतिमा लगेगी। मैं लगा दूंगा इस दंभ को भी चूर-चूर करेंगे।

आज भोपाल में मीडिया से चर्चा के दौरान शिवराज ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज जो राष्ट्र के गौरव हैं हमारी प्रेरणा हैं जिन्होंने हिंदी स्वराज की स्थापना की ।देश के करोड़ों करोड़ लोग उनको अपना आराध्य मानते हैं। ऐसे राष्ट्रपुरूष शिवाजी महाराज का अपमान यह कांग्रेस सरकार कर रही है।उनकी प्रतिमा को जेसीबी से अपमानजनक तरीके से हटाया गया गिराने की कोशिश की गई। मैं सौसर की जनता को प्रणाम करता हूं कि आधी रात के बाद लगभग 3:00 बजे जनता इकट्ठी हो गई और कहा कि यदि छत्रपति शिवाजी महाराज गिरेंगे तो हमारी छाती के ऊपर गिरेंगे। कांग्रेस का शगल बन गया है महापुरुषों का अपमान करना, यहां भोपाल में चंद्रशेखर आजाद जी की प्रतिमा को हटाने का फैसला किया गया। ये आजाद जी का अपमान है ।

शिवराज यही नही रुके आगे कहा वीर सावरकर का अपमान रोज कांग्रेस के द्वारा किया जा रहा है।डॉक्टर अंबेडकर का अपमान कांग्रेस ने कई बार किया है । ऐसे महापुरुष जिनके कारण यह राष्ट्र खड़ा हुआ है उनको अपमानित करने का क्रम इस सरकार में जारी है। यह हम कदापि नहीं होने देंगे।
राष्ट्रपुरुषों का यह अपमान हिंदुस्तान सहन नहीं करेगा। बात की जा रही है कि हम अपने पैसों से लगा देंगे।पैसों का अहंकार दिखाना, दंभ भरना, पहले प्रतिमा गिराना, यह दंभ और अहंकार हम सहन नहीं करेंगे ।महापुरुषों के अपमान को हम खड़े रहकर नहीं देख सकते । जिन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अपमान किया है उनके खिलाफ कार्यवाही की जाए। तुम्हारे पैसे से क्यों लगेगी प्रतिमा । सामर्थ्य है सौसर की जनता में , राष्ट्रभक्त वहां अभी जिंदा है। छत्रपति शिवाजी महाराज के भक्त भी जिंदा है। जनभागीदारी से प्रतिमा लगेगी। मैं लगा दूंगा इस दंभ को भी चूर-चूर करेंगे।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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