राम नाम पर राजनीति, दिग्विजय और लक्ष्मण सिंह पर बीजेपी का पलटवार

राम नाम पर राजनीति, दिग्विजय और लक्ष्मण सिंह पर बीजेपी का पलटवार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट

भोपाल। “जय श्री राम,जय श्री राम।” रोजगार मांगे “दयाराम” दैनिक मजदूरी का हो रुपया 400 दाम “जय श्री राम,जय श्री राम।” चाचौड़ा विधायक लक्ष्मण सिंह (Lakshman Singh) का या ट्वीट एक बार फिर चर्चा में आ गया है। बता दें कि इसके पहले लक्ष्मण सिंह के बड़े भाई और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) भी राम को लेकर ऐसी ही टिप्पणी कर चुके हैं, जिसमे उन्होंने तत्कालीन बीजेपी मंत्री राघव जी को निशाना बनाते हुए कहा था बच्चा बच्चा राम का, राघव जी के काम का।

दरअसल लक्ष्मण सिंह अपने बयानों से अक्सर चर्चा में रहते है। हालात तो यह है कि ये अपनी पार्टी को भी आड़े हाथ लेने से गुरेज नही करते। इसका खामियाजा भी इनको भुगतना पड़ता है जो कई बार देखने में भी आया है। एक बार फिर लक्ष्मण सिंह ने राम के नाम पर एक और ट्वीट कर मध्य प्रदेश सरकार को घेरने की कोशिश की। वहीं लक्ष्मण सिंह के 6 दिन पुराने ट्वीट को दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने आज रीट्वीट कर लक्ष्मण सिंह की तारीफ की है। उन्होंने लक्ष्मण सिंह के ट्वीट को रीट्वीट कर लिखा है, “चाचौड़ा विधायक लक्ष्मण सिंह ने किया ट्वीट, लिखा- जय श्री राम, जय श्री राम रोज़गार मांगे दयाराम।”  उन्होंने कहा “बहुत ख़ूब छोटे साहब। जय राघौ जी की।”

लेकिन यह दांव दिग्विजय सिंह और लक्षण सिंह पर उल्टा बैठ गया और दोनों विपक्ष के निशाने पर आ गए। लक्ष्मण सिंह और दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Home Minister Dr. Narottam Mishra) ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बहुत ही पीड़ा दायक प्रसंग है की दोनो भाई राम के नाम के साथ मजाक करते हैं। आज फिर राम राम का दुरुपयोग किया है और यह केवल छपास के लिए करते है। गृह मंत्री ने कहा कि भगवान राम की जन्मभूमिक शिलान्यास हो रहा था उस समय सबसे ज्यादा पीड़ा बाबर को हुई या फिर इनको हुई है।

बता दें लक्ष्मण सिंह की गिनती वरिष्ठ नेताओं में की जाती है। लेकिन पिछले कुछ समय से उनके इस तरह के उलूलजुलुल बयानों के बाद उनकी साख और उनकी बातों में वजनदारी कम हो गई है। जिसका नतीजा कांग्रेस सरकार में मंत्रिमंडल में बाहर रह कर वो भुगत चुके हैं।

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