महिला आरक्षण पर घमासान जारी, 27 अप्रैल को एमपी विधानसभा का विशेष सत्र, 26 अप्रैल को कांग्रेस निकालेगी पैदल मार्च

27 अप्रैल मप्र विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल पास ना होने के बाद से जहां मध्य प्रदेश बीजेपी विपक्षी दलों के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं, वहीं कांग्रेस भी हमलावर बनी हुई है।
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लोकसभा में नारी शक्ति वंदन बिल गिरने के बाद देश में सियासी घमासान मचा हुआ है। भाजपा और कांग्रेस लगातार एक दूसरे पर हमलावर है। इस बिल के समर्थन में जहां मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने 27 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। वही दूसरी तरफ सत्र से एक दिन पहले यानि 26 अप्रैल 2026 को एमपी कांग्रेस भोपाल में पैदल मार्च निकालने की तैयारी जा रही है जिसमें 33% महिला आरक्षण लागू करने की मांग की जाएगी।

कांग्रेस का यह पैदल मार्च माता मंदिर से रोशनपुरा तक निकाला जाएगा। इसमें भोपाल के साथ सीहोर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, हरदा, राजगढ़ सहित अन्य जिलों के कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार इसकी अगुवाई करेंगे। कांग्रेस का कहना है कि वर्तमान 543 सीटों पर ही 33% आरक्षण तुरंत लागू किया जाए।

दऱअसल, लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल पास ना होने के बाद से बीजेपी विपक्षी दलों के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। हाल ही में मध्य प्रदेश बीजेपी द्वारा जन आक्रोश महिला पद यात्रा निकाली गई थी जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित मंत्री और सांसद शामिल हुए थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा था कि नारी सब कुछ भूल सकती है, लेकिन अपना अपमान नहीं भूलती। संसद में बहनों के हक पर डाका डालने का जो काम किया गया है, उसके खिलाफ सरकार एक दिन का सत्र भी बुलाने जा रही है। कांग्रेस और विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकारों का हनन किया है।

इसके जवाब में दो दिन पहले भोपाल में महिला कांग्रेस ने भी कांग्रेस कार्यालय से बीजेपी कार्यालय तक पैदल मार्च और प्रदर्शन किया और नारी शक्ति वंदन बिल को छलावा बताया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ भी बीजेपी पर इस बिल के माध्यम से महिला आरक्षण के नाम पर जनता को भ्रमित कर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगा चुके है।
अब मोहन सरकार द्वारा मध्य प्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में विपक्ष को घेरने की पूरी तैयारी में है। चर्चा है सरकार कांग्रेस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी लाने जा रही है। विधानसभा के बाद नगरीय निकायों में भी इसी तरह निंदा प्रस्ताव लाए जाएंगे। इससे पहले 26 अप्रैल को कांग्रेस भोपाल में पैदल मार्च निकालने जा रही है। खबर है कि कांग्रेस भी विधानसभा के अंदर विधायक दल की ओर से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को बिना परिसीमन और जनगणना को ढाल बनाकर लागू करने का संकल्प प्रस्तुत करने और विधानसभा का घेराव करने जैसी रणनीति बना सकती है।

गौैरतलब है कि सितंबर 2023 में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पास किया गया था, जिसे केंद्र सरकार ने 16 अप्रैल 2026 से आधिकारिक तौर पर लागू (Notify) कर दिया है। इसके बाद सरकार 2023 के कानून में कुछ बदलाव करने के लिए ‘131वां संविधान संशोधन विधेयक 2026’ लाई। इसमें लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव था, ताकि महिलाओं को 33% आरक्षण देने के बाद भी पुरुषों की मौजूदा सीटों में कमी न आए। जिस पर17 अप्रैल 2026 को वोटिंग कराई गई। लेकिन दो-तिहाई बहुमत न मिलने के चलते लोकसभा में बिल गिर गया । इसके पक्ष में 298 और ​विपक्ष में 230 वोट पड़े। संविधान संशोधन के लिए 352+ वोटों (2/3) की जरूरत थी। 54 वोटों की कमी के कारण बिल पास नहीं हो सका। इस पूरे घटनाक्रम के बाद से ही बीजेपी कांग्रेस और पूरे विपक्ष पर हमलावर है।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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