इंदौर की घटना को प्रियंका गांधी ने बताया मानवता पर कलंक, कहा-शिवराज सरकार बुजुर्गों से माफी मांगे

इंदौर की घटना को प्रियंका गांधी ने बताया मानवता पर कलंक, कहा-शिवराज सरकार बुजुर्गों से माफी मांगे

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर (Indore) में नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा बेसहारा बुजुर्गो के साथ किये गए अमानवीय व्यवहार के मामले ने देश भर में सरकार की किरकिरी करा दी है| इस घटना पर कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने सरकार को निशाने पर लिया है| उन्होंने कहा सरकार और प्रशासन को उन बेसहारा बुजुर्गों से माफ़ी मांगनी चाहिए|

प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है| उन्होंने मामले में उच्च अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है| उन्होंने ट्वीट कर लिखा- इंदौर, मप्र की ये घटना मानवता पर एक कलंक है। सरकार और प्रशासन को इन बेसहारा लोगों से माफी माँगनी चाहिए और ऑर्डर लागू कर रहे छोटे कर्मचारियों पर नहीं बल्कि ऑर्डर देनेवाले उच्चस्थ अधिकारियों पर ऐक्शन होना चाहिए।

गौरतलब है कि शुक्रवार को इंदौर में नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा भीख मांगकर गुजारा करने वाले बुजुर्गों को गाडी में भरकर एक जगह से दूसरी जगह ले जाकर छोड़ने का वीडियो वायरल हुआ था| वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों द्वारा जमकर आलोचना की गई| वहीं मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आया तो उन्होंने नाराजगी जाहिर की| उन्होंने जिला प्रशासन को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद नगर निगम के उपायुक्त प्रताप सोलंकी को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, नगर निगम के दो कर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। मामले में आगे और भी कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है| मामले में बड़ी अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की जा रही है|

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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