राजगढ़ में यूरिया संकट को लेकर उमंग सिंघार का बीजेपी पर हमला, सरकार से मांगा जवाब

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार के दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था में परेशानी बनी हुई है। उन्होंने सरकार से किसानों को समय पर यूरिया उपलब्ध कराने और व्यवस्था में सुधार की मांग की।
Umang Singhar

मध्यप्रदेश में खाद और यूरिया की उपलब्धता को लेकर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है। राजगढ़ में यूरिया नहीं मिलने से किसानों के सड़क पर उतरने और जयपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे पर जाम लगाने की घटना को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं करा पाने को लेकर जवाब मांगा है।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसान खेती के महत्वपूर्ण दौर में यूरिया और खाद के लिए परेशान हो रहा है लेकिन सरकार जमीनी समस्या का समाधान करने के बजाय व्यवस्थाएं ठीक होने के दावे कर रही है। उन्होंने कहा कि राजगढ़ में किसानों को लगातार तीन दिन तक यूरिया के लिए परेशान होना पड़ा और जब उन्हें खाद नहीं मिली तो आखिरकार उन्हें हाईवे पर उतरकर अपनी नाराजगी जाहिर करनी पड़ी।

खाद के मुद्दे पर सरकार को घेरा

उमंग सिंघार ने कहा है कि किसानों का सड़क पर उतरना इस बात का संकेत है कि खाद की उपलब्धता और वितरण को लेकर स्थानीय स्तर पर गंभीर समस्या है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि खाद की समस्या सिर्फ राजगढ़ तक सीमित नहीं है। उनका आरोप है कि जब भी खाद की मांग बढ़ती है तब किसानों को लंबी कतारों, इंतजार और सीमित आपूर्ति जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि किसान पहले ही खेती की लागत, मौसम और फसल से जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच काम कर रहा है। ऐसे में अगर समय पर यूरिया उपलब्ध नहीं होता है तो किसान के सामने फसल की जरूरत पूरी करने की चुनौती खड़ी हो जाती है। उमंग सिंघार ने सवाल किया कि जब सरकार को खरीफ सीजन में यूरिया की मांग का अनुमान पहले से होता है तो फिर वितरण व्यवस्था में ऐसी स्थिति क्यों बनती है कि किसानों को सड़क पर उतरना पड़े।

बीजेपी पर लगाए आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की ओर से किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को सिर्फ यह बताने से काम नहीं चलेगा कि प्रदेश में खाद की पर्याप्त व्यवस्था है। सरकार को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि खाद वास्तव में किसानों तक पहुंचे और उन्हें निर्धारित समय पर उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि “किसान खेत में खाद के लिए तरसे और सरकार अपनी नाकामी पर पर्दा डाले, यह बिल्कुल भी नहीं चलेगा।”

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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