लाकडाउन की खबर से भङके राशन-सब्जी के दाम

लाकडाउन की खबर से भङके राशन-सब्जी के दाम

भोपाल। कोरोना वायरस के कहर का असर अब आम आदमी के जनजीवन पर दिखने लगा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 मार्च को एक दिन के जनता कफ्यू का आह्वान किया था, जिसका देशभर के लोगों ने खुले दिल से समर्थन किया। कोरोना के बढ़ते आतंक को देखते हुए अब प्रधानमंत्री ने मंगलवार रात 12 बजे के बाद से देशभर में 21 दिन के लॉकडाउन का एलान किया है। प्रधानमंत्री के इस एलान के बाद से जनता में कोहराम मच गया है। रोजमर्रा की जरुरत की चीजें खरीदने के लिए दुकानों पर लोगों की भीड़ लग रही है। जिसके चलते जरुरत के सामान के दामों में काफी ईजाफा हो गया है।

राजधानी भोपाल और जबलपुर में राज्य सरकार ने पहले से ही कफ्यू लगा रखा है। हालांकि इस दौरान भी अनाज, किराना, रसोई गैस, फल, सब्जी, निजी अस्पताल, पेट्रोल पंप, क्लीनिक, बैंक खुले रहेंगे। लेकिन मंगलवार को पीएम मोदी के संबोधन के बाद किराना दुकानों और सब्जी- फलों की दुकानों पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों को इस बात का डर है कि आने वाले समय में सप्लाई पर असर होने के कारण जरुरी चीजों की उपलब्धता पर असर पड़ा सकता है। ऐसे में लोगों ने समान एकत्रित करना शुरू कर दिया है। लॉकडाउन या कफर््यू के दौरान आवश्यकता वाली चीजों की पूर्ति और सुचारू रुप से रखने के फल- सब्जी और दूध की मांग अचानक से बढ़ गई है। मांग बढऩे का नतीजा है कि सब्जियों के दाम में भी भारी इजाफा देखने को मिल रहा है। मांग बढऩे और अफवाहों के चक्कर में सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। आलू और प्याज की कीमतों में लगभग चार गुना बढ़ोतरी देखने को मिल रहा है। राजधानी भोपाल के बाजार में आलू 60 रुपए किलों तक बिक रहे है। दूध की अधिक मांग बढऩे के कारण खुला दूध बेचने वाले दुकानदारों ने दूध की कीमतें बढ़ाई हैं। लॉकडाउन ने लोगों के मन में ऐसा खौफ पैदा कर दिया है कि राशन का सामान दो-दो, तीन-तीन महीने तक खरीदने की होड़ मची है। यही कारण है कि राशन के दाम में भी भारी इजाफा देखने को मिल रहा है। जो दुकान खुला सामान बेचते हैं उन्होंने अपने उत्पादों के दाम में बढ़ोतरी की है। 90 रुपए लीटर तक बिकने वाला रिफाइंड आयल 160 रुपए तक का मिल रहा है।

ऐसे एक तरफ जहां 21 दिन के लॉकडाउन ने दैनिक मजदूरी कर अपना पेट पालने वालों और गरीब परिवार के सामने रोजगार और कमाई की मुसीबत खड़ी कर दी है, तो वहीं दूसरी ओर सामानों की कीमत में आई बढ़ोत्तरी उनके सामने एक चुनौती बनकर सामने आई है। हालांकि केन्द्र और राज्य सरकार दोनों ही जनता से धैर्य रखने और किसी भी चीज की कमी नहीं होने देने का आश्वासन दे रहे है, लेकिन लोग है कि मानते नहीं।

Gaurav Sharma
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