RTE एडमिशन द्वितीय चरण, प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश के लिए 20 जून तक पोर्टल पर अपडेट कर सकेंगे च्वॉइस, 25 को ऑनलाइन लॉटरी

जिन बच्चों को स्कूल का आवंटन हो रहा है, उन्हें उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्‍यम से भी सूचना दी जाएगी इन बच्चों की फीस राज्य सरकार द्वारा नियमानुसार सीधे स्कूल के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी।
Right to Education

नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम RTE के तहत आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित समूह के बच्चों को निजी स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश दिलाने के लिये दूसरा चरण शुरू हो गया है। इसके तहत 16 जून से 20 जून के बीच पोर्टल पर चॉइस अपडेट की जा सकती है,  इस संबंध में शिक्षा विभाग ने कार्यक्रम निर्धारित कर दिया है।

राज्य शिक्षा केंद्र शिक्षा विभाग ने कहा है कि प्रथम चरण के बाद जिन प्राइवेट स्कूलों में सीटें खाली रह गई हैं, ऐसे स्कूलों की सूची द्वितीय चरण की प्रवेश प्रक्रिया के लिये पोर्टल पर प्रदर्शित कर दी गई है इसमें रिक्त सीटों की संख्या भी दी गई है।

25 जून को ऑनलाइन लॉटरी

स्कूल शिक्षा विभाग ने जानकारी देते हुए कहा कि द्वितीय चरण के लिये आवेदकों द्वारा स्कूलों की च्वॉइस को अपडेट करने के लिये 16 से 20 जून तक की तिथि निर्धारित की गई है। चॉइस अपडेट का काम पूरा हो जाने के बाद 25 जून को  ऑनलाइन लॉटरी निकाली जाएगी। इसके बाद स्कूल आवंटन होते ही प्रवेश एवं संबंधित स्कूल द्वारा मोबाइल एप से एडमिशन रिपोर्टिंग 25 से 30 जून तक की जा सकेगी।

फिर से आवेदन करने और सत्यापन की जरूरत नहीं

शिक्षा विभाग के मुताबिक जिन आवेदकों ने प्रथम चरण में आवेदन किया था एवं सत्यापन के बाद पात्र पाए गए थे लेकिन प्रथम चरण में उन्हें कोई स्कूल आवंटित नहीं हुआ वे द्वितीय चरण के लिये अपनी च्वॉइस अपडेट (विकल्प चयन) कर सकते हैं। विशेष बात ये है कि द्वितीय चरण की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए उन्हें नया आवेदन करने और पुन: सत्यापन करने की जरूरत नहीं होगी।

 10 जून को पूर्ण हो चुकी है प्रथम चरण की प्रक्रिया

बता दें इस वर्ष 29 मई को आरटीई के तहत निकली गई लॉटरी के लिए दस्तावेज सत्यापन के बाद एक लाख 66 हज़ार 751 बच्चे पात्र मिले थे। इनमें से 83 हजार 483 बच्‍चों को उनके द्वारा चयनित स्‍कूलों का आवंटन किया गया है। इनमें से 43 हजार 363 बालक एवं 40 हजार 120 बालिकाएं हैं। जिन्हें रेंडम पद्वति से स्कूल का आवंटन किया गया है, उल्लेखनीय है कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्रथम चरण की प्रक्रिया 10 जून को पूर्ण हो चुकी है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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