सौरभ शर्मा मामले में कांग्रेस ने लोकायुक्त पुलिस पर उठाए सवाल, जीतू पटवारी ने की मांग ‘असली अपराधियों को सामने लाया जाए’

कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया है कि इस मामले में बड़े मगरमच्छ कौन हैं और उन्हें क्यों नहीं पकड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में लोकायुक्त पुलिस के रवैये को देखकर जनता के मन में संदेह पैदा हो रहा है। इसी के साथ उन्होंने मांग की कि मामले की ईमानदारी से जाँच हो और जो लोग इसके पीछे हैं उनका पर्दाफाश किया जाए।
jitu Patwari

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Jitu Patwari Questions Lokayukta Police : कांग्रेस ने सौरभ शर्मा मामले को लेकर लोकायुक्त पुलिस पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि लोकायुक्त पुलिस का व्यवहार जिस तरह से बदल रहा है, जनता में ऐसी धारणा बन रही है कि वो मामले को रफा-दफा करना चाहती है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में ईमानदारी से जाँच हो और मूल अपराधी को सामने लाया जाए।

बता दें कि 28 जनवरी को लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ शर्मा को गिरफ्तार किया था। इसके बाद अदालत ने सौरभ शर्मा, उसके सहयोगी चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल को पुलिस रिमांड में भेज दिया था। लेकिन अब तक पूछताछ में सौरभ शर्मा ने अपना मुँह नहीं खोला है। सूत्रों के अनुसार लोकायुक्त पुलिस सौरभ शर्मा का नार्को टेस्ट भी करा सकती है।

सौरभ शर्मा मामले को लेकर कांग्रेस ने लोकायुक्त पुलिस पर उठाए सवाल

54 किलो सोना, कई किलो चांदी, करोड़ों कैश और अकूत संपत्ति मामले में गिरफ्तार सौरभ शर्मा मामले पर लोकायुक्त पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है। ये सवाल किया है कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने। पटवारी ने कहा है कि ‘इस केस में इतना बड़ा जखीरा मिला। तीन सौ करोड़ से अधिक की संपत्ति मिली..लोकायुक्त का व्यवहार पूरे मामले को रफा-दफा करने जैसा है, ऐसा पब्लिक में परसेप्शन है। चिंता का विषय है और मैं लोकायुक्त से आग्रह करता हूं कि आप ऐसी निष्पक्ष संस्था है जिसपर मध्यप्रदेश को, आमजन को भरोसा होना चाहिए।’

जीतू पटवारी ने की ईमानदार से जाँच करने की मांग 

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि जो गतिविधियां बन रही है, उससे जनता में ये धारणा बन रही है कि लोकायुक्त का काम सिर्फ पूरे मामले को दबाना है। उन्होंने पूछा कि ‘वो डायरी कहां है जिसकी शुरुआत में बात की गई थी। क्या तालाब की यही छोटा मछली है या इसके पीछे बड़े बड़े मगरमच्छ हैं। उन मगरमच्छों को कौन पकड़ेगा। लोकायुक्त का काम करने का तरीका बदला है और ये बात संदेह पैदा करती है। ये न एजेंसी के लिए न ही मध्यप्रदेश की सेहत के लिए अच्छा है। हम चाहते हैं कि ईमानदारी से मूल अपराधियों को सामने लाया जाए’।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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