
जबलपुर। मध्यप्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकार श्री सुरेश तन्मय देशभर में एक जाना माना नाम है। साहित्य के क्षेत्र में उन्होने हर विधा में अतुलनीय योगदान दिया है चाहे वो कविता हो, कहानी, लघुकथा या बालगीत। अब तक उनकी कई कविताओं और लघुकथा की किताबें आ चुकी हैें। साथ ही उनकी एक लघुकथा महाराष्ट्र पाठ्यक्रम की कक्षा 9वीं में भी पढ़ाई जा रही है। आपको अब तक साहित्य के क्षेत्र में अनेक पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं।
कोरोना संकटकाल में श्री तन्मय ने एक बालगीत रचा है जिसमें उन्होने बच्चों को विशेष रूप से बताया है कि वे इससे कैसे बच सकते हैं। इस बालगीत को अपनी मधुर आवाज़ से सजाया है खरगौन की सुप्रसिद्ध गायिका श्रीमती रजनी उपाध्याय ने। तो आईये आप भी सुनिये बेहद सामयिक और सुंदर गीत-
https://youtu.be/NLZILM995ZA
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

