गोपाल भार्गव बने मप्र विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर, राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने दिलाई शपथ

Gopal Bhargava Protem Speaker of MP Assembly

Gopal Bhargava Protem Speaker of MP Assembly : पूर्व मंत्री और 9 बार के विधायक गोपाल भार्गव को मप्र विधानसभा का प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है , आज गुरुवार को राजभवन में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने उन्हें शपथ दिलाई, गोपाल भार्गव अब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाएंगे, इस दौरान नए विधानसभा स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर भी शपथ ग्रहण करेंगे।

कौन कौन रहा शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद?

आपको बता दें कि अब नव निर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह जल्दी ही विधानसभा में आयोजित किया जायेगा जहाँ प्रोटेम स्पीकर गोपाल भार्गव सभी 230 निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाएंगे, राजभवन में आयोजित एक सादे समारोह में इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव , उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला भी मौजूद थे।

किस आधार पर चयन किया गया गोपाल भार्गव का नाम?

यहाँ बता दें कि विधानसभा सचिवालय ने 16वीं विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर (सामयिक अध्यक्ष ) के लिए वरिष्ठता के आधार पर सूची बनाकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को भेजी थी जिसमें उन्होंने 9 बार के विधायक सबसे सीनियर सदस्य गोपाल भार्गव का नाम फायनल किया था। गोपाल भार्गव सागर जिले की रहली विधानसभा सीट से लगातार 9वीं बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं।

मप्र की नई सरकार ने कब लिया है आकार ?

गौरतलब है कि कल बुधवार को राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला को शपथ दिलाई थी और मप्र की नई सरकार ने काम शुरू कर दिया था , शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मन्त्र इनितीं गडकरी, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए थे।

क्या होता है प्रोटेम स्पीकर और उसकी शक्तियां ?

बहुत से लोग नहीं जानते कि प्रोटेम स्पीकर क्या होता है और उसके पास क्या शक्तियां होती हैं? तो आपको बता दें कि जब भी नई विधानसभा या लोकसभा का गठन होता है तो सदन का सबसे सीनियर सदस्य प्रोटेम स्पीकर (सामयिक अध्यक्ष) बनाया जाता है, राज्य में राज्यपाल उसे शपथ दिलाते हैं उसके बाद प्रोटेम स्पीकर निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाते हैं और विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव कराते हैं लेकिन यदि पहले से नाम तय है विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को शपथ दिलाते हैं, विधानसभा अध्यक्ष की नियुक्ति होते ही प्रोटेम स्पीकर की जिम्मेदारी स्वतः समाप्त हो जाती है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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