छिंदवाड़ा में 15 दिनों में छह बच्चों की मौत: कमलनाथ ने सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के मुद्दे पर घेरा, भ्रष्टाचार और लापरवाही का आरोप

पूर्व सीएम ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश की सरकार का ध्यान जनता की ज़िंदगी पर नहीं बल्कि ठेकेदारी और कमीशनखोरी पर है। दवाओं की खरीद से लेकर अस्पतालों की व्यवस्थाओं तक सब जगह पैसों का खेल चल रहा है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते सही कदम उठाए जाते तो ये मौतें टल सकती थी।
Kamal Nath

Kamal Nath on Govind Singh Rajput Remark

छिंदवाड़ा में पिछले 15 दिनों में छह मासूम बच्चों की किडनी फेलियर से दर्दनाक मौत हो गई। जांच में सामने आया है कि इन मौतों का मुख्य कारण एक कफ सिरप हो सकता है, जिसके सेवन से बच्चों की सेहत बिगड़ी। इसे लेकर अब कमलनाथ ने प्रदेश सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ‘यह सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि हमारी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का सबूत है।’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह त्रासदी सिर्फ छिंदवाड़ा की नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था का सच है। अगर सरकार का ध्यान केवल विज्ञापनों और कमीशन पर रहेगा तो और भी मासूम इस लापरवाही की भेंट चढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि अब जनता को सरकार से जवाब मांगना होगा कि आखिर हमारी स्वास्थ्य सेवाएं कब सुधरेंगी।

छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत से हड़कंप

जिला प्रशासन के अनुसार छिंदवाड़ा में पहला मामला 24 अगस्त को सामने आया था, जब बच्चों में खांसी और सांस लेने में तकलीफ की शिकायतें बढ़ीं। इसके बाद 7 सितंबर को पहली मौत हुई और फिर 4 से 26 सितंबर के बीच एक-एक करके छह बच्चों ने दम तोड़ दिया। सभी बच्चे पांच वर्ष से कम उम्र के थे। प्रारंभिक जांच में वायरल इंफेक्शन की आशंका जताई गई थी, लेकिन ब्लड टेस्ट से साफ हो गया कि मौत का कारण दवा की गड़बड़ी है। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र की टीम ने अस्पतालों और इलाके से पानी, दवा के सैंपल कलेक्ट किए हैं और दो कफ सिरप ब्रांड्स को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

कमलनाथ ने सरकार पर लगाए आरोप

कमलनाथ ने बच्चों की मौत को लेकर प्रदेश सरकार से को निशाने पर लिया हैं। उन्होंने कहा कि स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश की सरकार का ध्यान जनता की ज़िंदगी पर नहीं बल्कि ठेकेदारी और कमीशनखोरी पर है। दवाओं की खरीद से लेकर अस्पतालों की व्यवस्थाओं तक सब जगह पैसों का खेल चल रहा है। अगर समय रहते दवा को रोका जाता तो ये मौतें टल सकती थीं। पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सेवाओं की हालत इतनी खराब है कि बच्चों को सही इलाज तक नहीं मिल पाया। खून की जांच में यह बात साफ हो गई कि कोई वायरल इंफेक्शन नहीं था, बल्कि दवा की गड़बड़ी ने मासूमों की जान ले ली। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली सिर्फ छिंदवाड़ा में ही नहीं बल्कि ये पूरे प्रदेश का सच है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
Follow Us :GoogleNews