
BHOPAL AIIMS NEWS : 50 वर्ष की एक वृद्ध मरीज पिछले 12 महीनों से अपनी ऊपरी पलक में वृद्धि (ट्यूमर) से पीड़ित थी। जिसके कारण मरीज़ अपनी दाहिनी आंख से नहीं देख पा रही थी। मरीज ने एम्स भोपाल की सर्जिकल ऑन्कोलॉजी ओपीडी में अपनी इस बीमारी को दिखाया। विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. नीलेश श्रीवास्तव ने मरीज की एक विस्तृत जाँच की। नैदानिक, रेडियोलॉजिकल और हिस्टोपैथोलॉजिकल परीक्षण के बाद मरीज की पलक का ऑपरेशन करने का फैसला किया और रोगी को डॉ. नीलेश श्रीवास्तव और डॉ. दीपक कृष्णा, एसोसिएट प्रोफेसर बर्न्स और प्लास्टिक सर्जरी के तहत ऑपरेशन और चरणबद्ध तरीके से पलक के पुनर्निर्माण की योजना बनाई गई।
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पलक का पुनर्निर्माण
सर्जरी में दो चरण शामिल थे पहले चरण में, फ्लैप को माथे से उठाया गया और आंखों के संपर्क के अंदरूनी हिस्से पर लगाने के लिए उपयुक्त बनाया गया और एक सप्ताह बाद दूसरे चरण में ट्यूमर को निकालकर ऊपरी पलक का पुनर्निर्माण किया गया। सर्जरी डॉ. नीलेश श्रीवास्तव, डॉ. दीपक कृष्णा और डॉ. ज़ैनब (एसोसिएट प्रोफेसर एनेस्थीसिया) की टीम द्वारा सफलतापूर्वक की गई। एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह नें पुरी टीम को बधाई दी है।
ट्यूमर एक बहुत ही दुर्लभ प्रकार की बीमारी
पलक का ट्यूमर एक बहुत ही दुर्लभ प्रकार की बीमारी है, और इन मामलों में सर्वोत्तम परिणाम के लिए उचित योजना की आवश्यकता होती है। यह प्रक्रिया पहली बार एम्स भोपाल के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग में की गई है। मरीज अब ठीक है और दोनों आंखों से सामान्य रूप से देख पा रही है।
