मीनाक्षी नटराजन नामांकन रद्द मामले में बोले विश्वास सारंग, लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं का मजाक उड़ाती है कांग्रेस

सारंग बोले, अपनी इज्जत बचाने के लिए कांग्रेस ने झूठा फॉर्म भरा, गलत जानकारी दी और जब फॉर्म रिजेक्ट हुआ तो फिर इस तरह की राजनीतिक स्टंटबाजी की।
MP Cabinet Minister Vishvas Sarang

MP Cabinet Minister Vishvas Sarang

मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए कांग्रेस प्रत्याशी बनाई गई मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली, रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा उनका नामांकन निरस्त कर दिए जाने के बाद वे सुप्रीम कोर्ट गई थी लेकिन वहां भी निराशा भी हाथ लगी, कांग्रेस प्रत्याशी की इस हालत के लिए मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने उनकी पार्टी को ही जिम्मेदार ठहराया है।

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान जो कुछ हुआ उसकी गूंज भोपाल से लेकर दिल्ली तक सुनाई दी, मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने राष्ट्रीय नेताओं के साथ मिलकर रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को गलत ठहराने और मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म वापस स्वीकार किये जाने के बहुत प्रयास किये लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ अंततः भाजपा अपनी दो सीटों पर जीत दर्ज करने के साथ ही कांग्रेस की सीट पर भी अपने प्रत्याशी को जीत दिलाने में सफल रही यानि भाजपा के तीनों प्रत्याशी तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित घोषित हो गए।

इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस के नेता रिटर्निंग ऑफिसर और चुनाव आयोग पर आरोप लगा रहे हैं और उन्हें भाजपा का एजेंट बता रहे हैं, लेकिन भाजपा के नेता इस पर पलटवार भी कर रहे हैं, प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने सुप्रीम कोर्ट से याचिका ख़ारिज होने पर बड़ा बयान दिया है, मीडिया से बात करते हुए उन्होंने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म निरस्त हो जाने के लिए कांग्रेस को दोषी ठहराया है।

कांग्रेस ने जान बूझकर फॉर्म में गड़बड़ी की 

कैबिनेट मंत्री सारंग ने कहा मीनाक्षी नटराजन का फॉर्म टेक्नीकल कमियों की वजह से निरस्त हुआ, शपथ पत्र में उन्होंने जानकारी छिपाई जो चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन है लेकिन ये कांग्रेस ने जान बूझकर किया क्योंकि उसे मालूम था कि तीसरी सीट पर चुनाव होगा तो भी भाजपा ही जीतेगी उनके विधायक क्रॉस वोटिंग करेंगे।

राजनीतिक स्टंटबाजी करती है कांग्रेस 

सारंग बोले, अपनी इज्जत बचाने के लिए कांग्रेस ने झूठा फॉर्म भरा, गलत जानकारी दी और जब फॉर्म रिजेक्ट हुआ तो फिर इस तरह की राजनीतिक स्टंटबाजी की। आज सुप्रीम कोर्ट ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया जिस प्रकार से कांग्रेस की याचिका ख़ारिज हुई है एक बार फिर साबित हुआ कि कांग्रेस लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं का मजाक उड़ाती है उसके साथ छेड़छाड़ करती है जब दिग्विजय सिंह जैसे नेता सुप्रीम कोर्ट को चोर कह रहे हैं ये कांग्रेस का अलोकतांत्रिक चेहरा है।

Atul Saxena
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Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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