कर्नल सोफिया पर विवादित टिप्पणी: सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद उमंग सिंघार ने मांगा विजय शाह का इस्तीफा, बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उच्चतम न्यायालय भी उनके बयान को अयोग्य मान रही है, लेकिन बीजेपी ऐसा नहीं मानती इसीलिए अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसी के साथ उन्होंने अदालत द्वारा एसआईटी के गठन को लेकर कहा कि इसमें तीनों आईपीएस अधिकारी एमपी से बाहर के होंगे। इससे स्पष्ट है कि अदालत को प्रदेश सरकार पर भरोसा नहीं है।
Umang Singhar on education

Umang Singhar

विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने जमकर फटकार लगाई है। कोर्ट ने शाह के बयान को ‘घटिया’ और ‘शर्मनाक’ करार देते हुए मध्य प्रदेश सरकार को विशेष जांच दल (SIT) गठन का आदेश दिया। एसआईटी में तीन आईपीएस अधिकारी शामिल होंगे और इनमें एक महिला अधिकारी अनिवार्य रूप से होंगी। कोर्ट ने शाह की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है, लेकिन उनकी याचिका को खारिज कर दिया।

इस फैसले को सराहनीय बताते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक बार फिर विजय शाह के इस्तीफे की मांग की है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि लगता है कि बीजेपी को अपने मंत्री का ये कृत्य योग्य लग रहा है इसीलिए अब तक पार्टी ने उनपर कोई कार्रवाई नहीं की है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिए निर्देश

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के दौरान विजय शाह को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा “आप संवैधानिक पद पर बैठे हैं, फिर भी ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं? आपके बयान से पूरा देश शर्मिंदगी महसूस कर रहा है। एक मंत्री को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।” कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के स्वत: संज्ञान लेकर एफआईआर दर्ज करने के आदेश को सही ठहराया और शाह की माफी भी स्वीकार नहीं की है। इसी के साथ उच्चतम न्यायालय ने इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) के गठन का आदेश दिया है। इसमें तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी होंगे, जिनमें एक महिला अधिकारी भी शामिल होंगी। सभी अधिकारी मध्य प्रदेश कैडर के हो सकते हैं, लेकिन वे राज्य के मूल निवासी नहीं होंगे।

ये है मामला

बता दें कि पिछले दिनों इंदौर के महू में एक जनसभा के दौरान विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। यह बयान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के संदर्भ में था और इसके बाद इसपर जमकर बवाल हुआ। जबलपुर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद मानपुर थाने में भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ। इसके बाद विजय शाह ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

उमंग सिंघार ने की इस्तीफे की मांग 

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने भी शाह के बयान को अयोग्य’मानकर अपने फैसले सुनाए, मगर भाजपा अब भी इसे ‘योग्य’ मानती है और तभी अब तक मौन है। पूरा देश इस बयान की निंदा कर रहा मगर भाजपा फिर भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही। राज्य सरकार अपने मंत्री विजय शाह को बचाने की जो भी जुगत लगा रही थी, अब वो तरकीब भी फेल हो गई! विजय शाह तो बीजेपी का एक चेहरा मात्र है! संस्कारित पार्टी में ऐसे बदजुबान नेताओं की कमी नहीं है।’ इसी के साथ उन्होंने फिर विजय शाह के इस्तीफे के मांग करते हुए बीजेपी से उनपर कार्रवाई करने की मांग भी की है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
Follow Us :GoogleNews