“द साबरमती रिपोर्ट” पर बोले दिग्विजय सिंह, फिल्म देखनी है तो जंगल सत्याग्रह देखो, गोधरा कांड को लेकर BJP पर साधा निशाना

भाजपा द्वारा गोधरा कांड के तथ्य कांग्रेस द्वारा छिपाए जाने के आरोप पर पलटवार करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि गोधरा कांड के पीड़ित आज किस हालत में है जाकर उन्हीं से पूछिए सब पता चल जायेगा। 
Digvijaya Singh

The Sabarmati Report :  हाल ही में रिलीज हुई धीरज सरना निर्देशित और विक्रांत मैसी की मुख्य भूमिका वाली फिल्म “द साबरमती रिपोर्ट” ने अपने शुरुआती वीकेंड में ही बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया है। 2002 में गुजरात के गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस में आग लगाने की दुखद घटना पर आधारित इस फिल्म को लेकर लोगों के रिएक्शन अच्छे आ रहे हैं, फिल्म क्रिटिक से लेकर आम दर्शक तक फिल्म की तारीफ कर रहे हैं उधर फिल्म को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रीडॉ मोहन यादव और प्रदेश सरकार  के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने प्रदेश के लोगों से इस फिल्म को देखने की अपील की है। सारंग ने आज एक कार्यक्रम में मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस फिल्म ने उन सभी तथ्यों को उजागर किया है जिसे कांग्रेस ने छिपाने का काम किया। सारंग ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने गोधरा कांड को लेकर जिस तरह गुजरात को बदनाम करने की साजिश रची उसका फिल्म द साबरमती रिपोर्ट  ने दूध का दूध पानी का पानी कर दिया है।

दिग्विजय बोले – फिल्म “जंगल सत्याग्रह” देखिये 

मीडिया ने जब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से जब भाजपा की द साबरमती रिपोर्ट देखने की अपील पर सवाल किया तो वे बोले – यदि फिल्म देखना है तो हमारे मध्य प्रदेश के बैतूल के नौजवान डॉ प्रदीप उइके द्वारा बनाई फिल्म “जंगल सत्याग्रह” देखिये, ये फिल्म परसों रिलीज हुई है और मैंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इसे मप्र में टैक्स फ्री करने का अनुरोध किया है।

गोधरा कांड के तथ्य छिपाने के BJP के आरोप पर दिग्विजय ने किया पलटवार 

दिग्विजय सिंह ने कहा ब्रिटिश हुकूमत ने जंगल के अधिकार हथिया लिए थे उसके खिलाफ छोटा नागपुर से हमारे गोंडवाना क्षेत्र में आंदोलन हुआ था उसमें बापू भी शामिल हुए थे, बैतूल के कुमरे जी भी उसमें शहिद हुए थे उस आंदोलन पर आधारित है जंगल सत्याग्रह, भाजपा द्वारा गोधरा कांड के तथ्य कांग्रेस द्वारा छिपाए जाने के आरोप पर पलटवार करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि गोधरा कांड के पीड़ित आज किस हालत में है जाकर उन्हीं से पूछिए सब पता चल जायेगा।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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