पिकअप चुराकर भाग रहे चोर ने दो युवकों को कुचला, वाहन जब्त, आरोपी फरार

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Bhopal Crime News: भोपाल में पिकअप चुरा कर भाग रहे चोर ने जीजा-साले को कुचल दिया, जिससे दोनों की मौत हो गई है। यह वाहन चोर विदिशा से गाड़ी चुरा कर भाग रहा था और जब वाहन मालिक के बेटे और दामाद ने चोरी की गई पिकअप को भोपाल में देखा तो इसे रोकने के लिए अपनी बाइक गाड़ी के आगे खड़ी कर दी। दोनों को अपने आगे खड़ा देखने के बाद भी यह चोर नहीं रुका और इन्हें रौंदते हुए आगे बढ़ गया।

ये घटना भोपाल के कोकता बायपास हाईवे पर बुधवार सुबह हुई है। जीजा और साले ने पिकअप को रोकने के लिए अपनी बाइक आगे खड़ी कर दी लेकिन चोर ने स्पीड कम नहीं की और इन्हें कुचलते हुए आगे निकल गया। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक विदिशा के साहेर गांव के रहने वाला राज भोपाल में अपनी एग्जाम के सिलसिले में जीजा दीपक के घर पर ठहरा हुआ था। बुधवार सुबह उसे पता चला कि विदिशा से उसके पिता का पिकअप वाहन चोरी चला गया है।

इसके बाद सुबह 10:30 बजे जब दोनों जीजा-साले ट्रांसपोर्ट नगर इलाके की ओर घूमने निकले तो राज को चोरी की गई पिकअप दिख गई। इन दोनों ने बाइक से ही पिकअप का पीछा करना शुरू कर दिया। लगभग 10 किलोमीटर दूर झागरिया खुर्द गांव तक यह पीछा करते हुए गए लेकिन आरोपी ने गाड़ी नहीं रोकी। पिकअप को रोकने के लिए जब इन दोनों ने बाइक आगे करने का प्रयास किया तो आरोपी दोनों को टक्कर मारता हुआ आगे निकल गया।

पुलिस को नहीं दी सूचना

ट्रांसपोर्ट नगर पर जब राज और उसके जीजा ने पिकअप वाहन देखा तो उन्होंने घर पर फोन करके तो बताया लेकिन पुलिस को इस बात की सूचना नहीं दी। आरोपी गाड़ी लेकर पटेल नगर बाईपास चौराहे की तरफ गया अगर समय पर सूचना दे दी जाती तो यहां पुलिस पॉइंट पर चोर गाड़ी समेत पकड़ा जाता। ये दोनों जीजा-साले इसी चौराहा से होकर झागरिया खुर्द गांव की और चोर का पीछा करते हुए गए।

इकलौता लड़का था राज

जानकारी के मुताबिक राज तीनों बहनों में सबसे छोटा था और इकलौता लड़का था। उसके पिता का ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय है और उनके पास पिकअप वाहन है। वाहन लेकर वह मंडी बमौरा गए थे जहां रात को गाड़ी पार्क करने के बाद जब वह सुबह उठे तो मौके से वाहन नहीं मिला। पिकअप में एक मशीन भी रखी हुई थी जिसे चोर लेकर फरार हो गया था। पिता ने गाड़ी चोरी हो जाने की सूचना घरवालों की दी और इत्तेफाक से भोपाल में रह रहे उनके बेटे ने गाड़ी को पहचान लिया।

जब राज ने परिजनों को गाड़ी देखे जाने की सूचना दी तो उन्होंने उसे पीछा करने से मना किया था। बार बार लगाने पर भी जीजा साले ने फोन नहीं उठाया और 10 किलोमीटर तक पिकअप का पीछा करते रहे। परिजनों ने यह भी कहा है कि पुलिस ने आने में देरी की और दोनों को अस्पताल ले जाने में भी 4 घंटे का समय लगाया। परिजनों ने जब 108 पर कॉल कर लोकेशन जानने की कोशिश की तो उन्हें यह जानकारी मिली कि इस तरह का एक्सीडेंट होने का कोई भी कॉल उनके पास नहीं आया है। राज और उसके जीजा दीपक का काफी खून बह चुका था इसके चलते उन्होंने दम तोड़ दिया। चोरी की गई गाड़ी को पुलिस ने भोपाल के जंबूरी मैदान से जब्त कर लिया है लेकिन आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

Diksha Bhanupriy
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Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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