इस अधिकारी ने दिया था यह नारा मतदान बढ़ाने के लिए, तब से स्थाई बन गया

चाहे विधानसभा चुनाव हो या लोकसभा चुनाव, लगभग हर चुनाव में यह नारा "सारे काम छोड़ दो, सबसे पहले वोट दो।सुनाई देता है।
इस अधिकारी ने दिया था यह नारा मतदान बढ़ाने के लिए, तब से स्थाई बन गया

BHOPAL NEWS : सारे काम छोड़ दो सबसे पहले वोट दो यह नारा आप सबने सुना होगा, चाहे विधानसभा चुनाव हो या लोकसभा चुनाव, लगभग हर चुनाव में यह नारा सुनाई देता है। इस नारे के पीछे की दिलचस्प कहानी आज हम बताते है आपको।

ऐसे बना यह नारा 

दरअसल “सारे काम छोड़ दो सबसे पहले वोट दो” का यह यह नारा प्रलय श्रीवास्तव का दिया हुआ है, बात यह है कि सन 2013 में विधानसभा चुनाव होने थे,मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी जयदीप गोविंद ने अधिकारियों की एक बैठक बुलाई और नारे लिखने को कहा, लगभग 15 से 20 अधिकारी और कर्मचारी इस कार्य में जुटे। जनसम्पर्क अधिकारी प्रलय श्रीवास्तव भी वहां मौजूद थे। उस दौरान प्रलय श्रीवास्तव के पास बार-बार मोबाईल पर फोन आ रहे थे लगातार बजती फोन की घंटियों से परेशान प्रलय बीच-बीच में अपना फोन भी उठा रहे थे, उन्हे  फोन में व्यस्त देख तत्कालीन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी जयदीप गोविंद ने कहा कि प्रलय सारे काम अभी तुम छोड़ दो सबसे पहले यहां ध्यान दो और एक अच्छा नारा बताओ, बस फिर क्या था प्रलय के मुंह से अचानक निकला सर नारा बन गया, “सारे काम छोड़ दो, सबसे पहले वोट दो, यह नारा तत्कालीन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सहित सभी को बहुत पसंद आया और पूरे प्रदेश में बहु प्रचारित हो गया। उस दौरान 2013 के विधानसभा और 2014 के लोकसभा चुनाव में  इसका व्यापक इस्तेमाल किया।

हर किसी की जुबान पर छा गया यह नारा 

जनसम्पर्क अधिकारी प्रलय श्रीवास्तव ने खुद भी चेंबर में इस नारे को लिखवाया, उन्होंने अपनी कुर्सी के पीछे एक बोर्ड लगाकर इस नारे को लिखवाया। सीईओ के निर्देश पर जब प्रलय इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को बाइट देते तब यही नारा न्यूज चैनल पर दिखाई पड़ता था। दस साल हो चुके, तब से यह नारा बहु प्रचारित हो चुका है और आज जन-जन की जुबान पर है कि “सारे काम छोड़ दो, सबसे पहले वोट दो।

Sushma Bhardwaj
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