आदिवासियों के हित में सरकार का बड़ा फैसला, जनजातीय शिल्प को बढ़ावा देने MP में खोले जायेंगे ट्रायबल मार्ट

तीन दिवसीय शिल्प महोत्सव में प्रदेश के जनजातीय कलाकारों द्वारा निर्मित विभिन्न शिल्प कलाओं का प्रदर्शन किया जा रहा है।
Tribal Crafts CM Dr Mohan Yadav

Bhopal News : मध्य प्रदेश सरकार आदिवासियों के हित में बहुत काम कर रही है, उनके लिए शासन कई योजनायें चलाई है जिसमें उनके परिवार का भरण पोषण, बच्चों की स्कूली शिक्षा आदि जैसी योजनाएँ शामिल है लेकिन अब सरकार आदिवासियों की शिल्पकला को बाजार उपलब्ध कराने जा रहा है, राज्य शासन ने फैसला किया है कि जनजातीय शिल्प को प्रोत्साहित करने के लिये प्रत्येक संभाग में ट्रायबल मार्ट खोले जायेंगे।

भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार को राज्य स्तरीय जनजातीय शिल्पग्राम महोत्सव के उद्घाटन हुआ, जनजातीय कार्य एवं गैस राहत मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह इसमें  प्रमुख रूप से शामिल रहे, उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय कलाकारों को उनके उत्पाद का पूरा मूल्य नहीं मिल पाता है इसलिए जनजातीय शिल्प को बाजार उपलब्ध कराने के लिये संभाग एवं ट्रायबल के 20 जिलों में ट्रायबल मार्ट खोले जायेंगे।

जनजातीय स्वरूप को संरक्षित करने की आवश्यकता

मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि जनजातीय स्वरूप को संरक्षित करने की आवश्यकता है। जनजातीय वर्ग की पहचान उनके विशेष पहनावे, भोजन, वस्त्रों, नृत्य, संगीत और वाद्य यंत्रों के माध्यम से भी की जाती है। उनकी पारंपरिक वेषभूषा एवं तीज-त्यौहारों के महत्व को हम समझते हैं। परन्तु आधुनिकता के साथ उनकी यह पारंपरिक पहचान लुप्त सी होने लगी हैं। इसे जीवित रखने के उद्देश्य से इस शिल्प ग्राम महोत्सव के माध्यम से ट्रेनर्स के लिये ट्रेनिंग कार्यक्रम रखे गये हैं।

आदिवासी शिल्प उत्पादों को पहचान दिलाएगी सरकार 

मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि शिल्प उत्पादों को पहचान दिलाने के लिये मध्यप्रदेश सरकार प्रयासरत है। इस अनुक्रम में नेशनल इन्स्टीट्यूट ऑफ डिजाइन भोपाल के माध्यम से “आदिरंग” प्रोजेक्ट प्रारंभ किया जा रहा है। इससे जनजातीय शिल्पकारेां को उनके कौशल उन्नयन करेंगे। इस प्रकार प्रशिक्षित हमारे कलाकार अन्य शिल्पियों और कलाकारों को प्रशिक्षित करेंगे।

कार्यक्रम में शिल्प प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र 

जनजातीय शिल्प महोत्सव पर रवीन्द्र भवन परिसर में प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। इसमें जनजातीय कलाकारों द्वारा निर्मित उत्कृष्ट शिल्प कलाओं में यथा माटी शिल्प, होम आर्किटेक्चर, पेन्टिंग्स के अलावा जनजातीय व्यंजनों के भी स्टॉल लगाकार प्रदर्शन किया गया। प्रदेश के विभिन्न ट्रायबल जिलों से पधारे कलाकारों ने रंग-बिरंगे परिधानों में राज्य अपनी कला का प्रदर्शन किया।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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