उज्जैन महाकाल मंदिर में संध्या-शयन आरती के लिए अब देनी होगी फीस, कांग्रेस ने सरकार को घेरा, जीतू पटवारी ने कहा “यह श्रद्धालुओं का अपमान है”

अगर आप महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में जाने के इच्छुक हैं तो पहले नई गाइडलाइंस जान लीजिए। संध्या आरती और शयन आरती में शामिल होने के लिए अब श्रद्धालुओं को ऑनलाइन बुकिंग कर प्रति व्यक्ति 250 रुपये शुल्क देना अनिवार्य होगा। इसे लेकर अब कांग्रेस प्रदेश सरकार पर हमलावर है।
MP Congress Jitu Patwari

Jitu Patwari

अगर आपको उज्जैन महाकाल में संध्या और शयन आरती में सम्मिलित होना है तो अब उसके लिए फीस देनी होगी। ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। अब संध्या आरती और शयन आरती में शामिल होने के लिए भक्तों को ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी, जिसमें प्रति व्यक्ति 250 रुपये का शुल्क देना अनिवार्य होगा। इसे लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि इससे बीजेपी का दोहरा चरित्र उजागर होता है। उन्होंने कहा कि एक तरफ मध्यप्रदेश सरकार तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा देने के दावे करती है, सनातन और आस्था की बातें करती है वहीं दूसरी तरफ भगवान के घर जाने के लिए भी वसूली की जा रही है।

महाकाल मंदिर में संध्या और शयन आरती के लिए शुल्क निर्धारित

विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन व्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अपडेट है। मंदिर प्रशासन ने संध्या आरती और शयन आरती के दौरान दर्शन के लिए प्रति श्रद्धालु 250-250 रुपये का शुल्क निर्धारित किया है। अब इन दोनों आरती में सम्मिलित होकर दर्शन करने के इच्छुक भक्तों को निर्धारित शुल्क अदा करना होगा। मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार यह नई व्यवस्था डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देने, पारदर्शिता बनाए रखने और भीड़ प्रबंधन के उद्देश्य से लागू की गई है। इससे पहले ये आरती बिना किसी विशेष टिकट के उपलब्ध थीं, लेकिन अब भस्म आरती की तर्ज पर इनके लिए भी ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग जरूरी हो गई है।

जीतू पटवारी ने प्रदेश सरकार को घेरा  

महाकालेश्वर मंदिर में संध्या आरती और शयन आरती दर्शन के लिए शुल्क निर्धारित किए जाने के निर्णय पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। जीतू पटवारी ने इस फैसले को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ” उज्जैन के ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में अब संध्या आरती और शयन आरती दर्शन के लिए भी महाकाल भक्तों को 250-250 रुपये चुकाने होंगे। यह कैसा दोहरा चरित्र है? एक तरफ सनातन और आस्था की बातें, दूसरी ओर भगवान के घर जाने के लिए भी वसूली? और कहां कहां वसूली करेंगे”। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह श्रद्धालुओं का अपमान भी है और बीजेपी की अव्यवस्था का अहंकार भी है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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