‘विश्व आदिवासी दिवस पर MP सरकार ने की आदिवासी समाज की उपेक्षा’ उमंग सिंघार का आरोप, कहा- सिर्फ चुनाव में याद आते हैं आदिवासी

कांग्रेस नेता ने कहा कि उनके सम्मान के अवसर पर सरकार और संगठन की ओर से कोई बड़ा आयोजन या विशेष संदेश नहीं दिया गया। उन्होंने ने कहा कि आदिवासी समाज दया नहीं बल्कि सम्मान, अधिकार और संविधान प्रदत्त हक की गारंटी चाहता है।
Umang Singhar

Umang Singhar

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर मध्यप्रदेश सरकार पर आदिवासी समाज की उपेक्षा का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राम के नाम पर वोट मांगने वाली भाजपा भगवान राम की भक्त शबरी के आदिवासी समाज के सम्मान को भूल जाती है।

कांग्रेस नेता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव में आदिवासी समाज याद आता है, लेकिन सम्मान के दिन नहीं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज दया या राजनीतिक दिखावे की मांग नहीं करता बल्कि सम्मान, अधिकार और संविधान प्रदत्त हक की गारंटी चाहता है।

विश्व आदिवासी दिवस

हर साल 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 1994 में 9 अगस्त को विश्व के आदिवासी समुदायों के अधिकारों, संस्कृति और पहचान के संरक्षण के लिए इस दिवस की घोषणा की थी। यह दिन दुनिया भर के आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं, भाषाओं और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित है।

विश्व आदिवासी दिवस का उद्देश्य आदिवासी समुदायों के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों, उनकी जमीन एवं प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार, सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं के संरक्षण से जुड़े मुद्दों को सामने लाना है। साथ ही यह दिन आदिवासी समुदायों के सामने मौजूद भेदभाव और चुनौतियों पर चर्चा करने का अवसर भी देता है।

उमंग सिंघार ने बीजेपी पर लगाया आदिवासी समाज की उपेक्षा का आरोप

उमंग सिंघार ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस पर मध्यप्रदेश सरकार और भाजपा संगठन की बेरुखी ने उनकी आदिवासी विरोधी सोच को उजागर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस महत्वपूर्ण अवसर पर न तो कोई बड़ा आयोजन किया गया और न ही आदिवासी समाज के सम्मान में कोई विशेष संदेश सामने आया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और भाजपा संगठन की ओर से भी इस अवसर पर कोई पोस्ट नहीं किया गया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आदिवासी समाज सब देख रहा है और सब समझ रहा है। उन्होंने कहा कि अपने सम्मान और अधिकारों के लिए आदिवासी समाज एकजुट होकर आवाज उठाएगा।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
Follow Us :GoogleNews