उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में अव्यवस्थाओं के आरोप लगाए, बिजली-पानी के अभाव पर सरकार को घेरा

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया है कि बड़ी संख्या में केंद्र आज भी पानी, बिजली और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं जिससे बच्चों और महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार के विकास और सुशासन के दावों पर सवाल उठाते हुए इसे बच्चों के अधिकारों और भविष्य के साथ अन्याय बताया है।
Umang Singhar MP

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मध्यप्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति को लेकर कांग्रेस प्रदेश सरकार पर हमलावर है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन केंद्रों पर बच्चों के पोषण और माताओं की सेहत की जिम्मेदारी है, वही बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जूझ रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक ओर महिला और बाल विकास के नाम पर योजनाओं का प्रचार करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर बच्चों को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने सरकार के सुशासन के दावों पर सवाल करते हुए कहा है कि ये बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय है।

कांग्रेस ने आंगनबाड़ी केंद्रों की अव्यवस्थाओं पर सरकार को घेरा

उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि प्रदेश के सैकड़ों आंगनबाड़ी केंद्र आज भी पीने के पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से उन्होंने कहा कि 353 केंद्रों में पेयजल की व्यवस्था नहीं है, जबकि 5996 केंद्रों में बिजली कनेक्शन तक उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा हजारों केंद्रों में शौचालय जैसी जरूरी सुविधाओं का भी अभाव है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एक ओर सरकार पोषण अभियान और महिला-बाल विकास को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर बच्चे प्यासे और केंद्र उपेक्षित नजर आ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही सुशासन है, जहां बच्चों के भविष्य के साथ इस तरह की लापरवाही हो रही है।

कई केंद्रों में बिजली पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव

प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों को 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन हालिया आंकड़े इस व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, बड़ी संख्या में केंद्र किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं जहां आधारभूत सुविधाओं का अभाव साफ दिखाई देता है। वहीं सैकड़ों केंद्रों में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है, हजारों केंद्रों में शौचालय नहीं हैं और बड़ी संख्या में केंद्र बिजली कनेक्शन से वंचित हैं। कई जगहों पर हैंडपंप लगे होने के बावजूद पानी नहीं निकलता, जिससे बच्चों और महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसे लेकर अब कांग्रेस प्रदेश सरकार को घेर रही है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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