राहुल गांधी की लोको पायलट्स से मुलाकात पर बवाल, भाजपा ने बताया PR स्टंट, रेलवे का खुलासा, PRO बोले- ये दिल्ली लॉबी के लोको पायलट नहीं थे

अब सवाल ये उठता है कि क्या राहुल गांधी ने गलत लोको पायलट से मुलाकात की और यदि उन्होंने ऐसा किया तो उसकी उन्हें जरुरत क्या थी? यदि राहुल गांधी की मुलाकात गलत लोगों से हुई तो रेलवे के अधिकारियों ने दूसरी लॉबी के लोको पायलेट्स को अपनी लॉबी में घुसने से रोका क्यों नहीं?
Rahul Gandhi

Rahul Gandhi’s meeting with loco pilots : अग्निवीर अजय कुमार का मामला अभी शांत नहीं हुआ कि देश के सामने एक और ऐसा मामला सामने आ गया है जिसे लेकर भारतीय जनता पार्टी राहुल गांधी पर एक बार फिर झूठ बोलने का आरोप लगा रही है, मामला पिछले दिनों राहुल गांधी द्वारा दिल्ली रेलवे स्टेशन पर लोको पायलट से जुड़ा हुआ है।

राहुल गांधी की दिल्ली लोको पायलट मुलाकात पर सियासत 

दरअसल राहुल गांधी पिछले दिनों नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुंचे थे उन्होंने यहाँ लोको पायलट्स से मुलाका की थी और उनकी समस्याओं को समझा था, राहुल गांधी ने लोको पायलट्स की कार्यशैली को समझा था, इस दौरान उनके साथ पूरी टीम थी जिसमें कैमरामैन भी थे जो लगातार राहुल गांधी की हर एंगल से कवर कर रहे थे, कैमरों के साथ राहुल गांधी की इसी मुलाकात पर भाजपा ने तंज कसा, मीडिया ने जब इस मुलाकात के बारे में रेलवे  पीआरओ से पूछा तो उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जिन लोको पायलट्स से मुलाकात की वो दिल्ली लॉबी के थे ही नहीं वो बाहर से लाये गए हो सकते हैं , अब इस मसले में बवाल मच गया है।

BJP MP प्रभारी आशीष अग्रवाल ने X पर लिखा-राहुल गांधी का PR स्टंट एक्सपोज

भाजपा मध्य प्रदेश के प्रभारी आशीष अग्रवाल ने X पर राहुल गांधी की मुलाकात, रेलवे पीआरओ का बयान सहित कुछ अन्य पोस्ट भी शेयर की हैं, आशीष अग्रवाल ने लिखा, राहुल गांधी का PR स्टंट एक्सपोज, ये ‘बालक बुद्धि’ हर चीज में ‘घोटाला’ करता है, रील बनाने के लिए राहुल ने लिया रेलवे का सहारा?

  • आशीष अग्रवाल के मुताबिक पहले वीडियो में दीपक कुमार है जो नॉर्दन रेलवे के चीफ पीआरओ हैं उनका कहना है – ”राहुल गांधी द्वारा लाए गए पायलट भारतीय रेल लॉबी दिल्ली के नहीं है, कहीं बाहर से लाये हुए हो सकते हैं।
  • दूसरी वीडियो में  राजधानी ट्रेन के ड्राइवर है जिनका कहना है कि कल जब राहुल गांधी रेलवे स्टेशन आए थे तो मैं भी देखने चला गया था। लेकिन जिनसे राहुल गांधी मिल रहे थे, उनमें से एक भी हमारा पायलट नहीं था। सब कहीं बाहर से लाए गए थे, मैं रोज स्टेशन पर रहता हूं, लेकिन उनमें से किसी को नही जानता।”
  • तीसरे वीडियो में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 8 कैमरामैन और एक डॉयरेक्टर के साथ पहुंचे राहुल गांधी और अपने ही साथ लाये लोगों को लोको पायलट बनाकर बात की,  लेकिन ऊपरवाला सब देख रहा था। फुल फोटोबाज़ी हुई, रेलवे ने CCTV फुटेज जारी कर किया एक्सपोज।

बहरहाल इस मामले में अब सवाल ये उठता है कि क्या राहुल गांधी ने गलत लोको पायलट से मुलाकात की और यदि उन्होंने ऐसा किया तो उसकी उन्हें जरुरत क्या थी? यदि राहुल गांधी की मुलाकात गलत लोगों से हुई तो रेलवे के अधिकारियों ने दूसरी लॉबी के लोको पायलेट्स को अपनी लॉबी में घुसने से रोका क्यों नहीं? रेलवे पीआरओ दूसरी  लॉबी के लोको पायलट्स बताकर जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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