VIT कॉलेज प्रशासन और छात्रों ने एक-दूसरे के खिलाफ कराई एफआईआर, उमंग सिंघार ने कहा “तीन हज़ार बच्चों का भविष्य दाँव पर नहीं लगने देंगे”

नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने लगभग तीन हज़ार स्टूडेंट्स के खिलाफ पुलिस में शिकायत कराई है लेकिन वो अपनी जवाबदेही से साफ मुकर रहा है। उन्होंने कहा कि वे पूरी तरह से इन छात्रों के साथ खड़े हैं। फिलहाल इस मामले में दोतरफा एफआईआर से नया मोड़ आ गया है और अब पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों पर जांच कर रही है।
Umang Singhar Opposition Leader

Umang Singhar

भोपाल में वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में हुआ बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा। अब विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों, इन दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ पुलिस में एफआईआर करवाई है। इस मामले में कांग्रेस खुलकर छात्रों के पक्ष में सामने आ गई है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा है कि वीआईटी कॉलेज के तीन हज़ार बच्चों पर एफआईआर की जानकारी मिली है और अगर पूरी फीस देने के बाद उन्हें खाना भी ढंग से नहीं मिलता है, अन्य सुविधाएं नहीं मिलती है तो क्या ये कॉलेज प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वो पूरी तरह इन छात्रों के साथ खड़े हैं।

वीआईटी कॉलेज प्रशासन और छात्रों ने एक दूसरे के खिलाफ कराई एफआईआर 

सीहोर स्थित VIT यूनिवर्सिटी में छात्रों द्वारा कैंपस प्रशासन पर ‘खराब पानी व खराब भोजन’ के कारण पीलिया फैलने का आरोप लगाने के बाद हुए प्रदर्शन और हंगामे के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं छात्रों ने भी स्टाफ व प्रशासन पर मारपीट व उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए अलग से शिकायत दर्ज कराई है। विश्वविद्यालय द्वारा दो से तीन हज़ार अज्ञात छात्रों के खिलाफ पुलिस में शिकायत लिखवाई गई है जिसमें कहा गया है कि उन्होंने होस्टल में तोड़फोड़ की, आगजनी की और प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाया है।

क्या है मामला

इस घटना की शुरुआत दो सप्ताह पहले हुई जब कैंपस की मेस में परोसे जाने वाले भोजन और पानी की गुणवत्ता को लेकर छात्रों ने हंगामा किया। उनका कहना था कि खराब खाने और दूषित पानी के कारण 20 से अधिक छात्रों में जॉन्डिस के लक्षण दिखाई दिए। छात्रों ने कहा कि उन्होंने प्रशासन को बार-बार शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हाल ही में 200 से अधिक छात्र अस्पताल में भर्ती हुए और कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में तीन छात्रों की मौत की बात भी कही गई। हालांकि, जांच में इसे गलत पाया गया और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने किसी भी मौत से इनकार किया। उनके अनुसार जॉन्डिस के कुछ मामले थे जिनका इलाज किया गया और एक छात्र की मौत टीबी से हुई, न कि जॉन्डिस से।

उमंग सिंघार छात्रों के समर्थन में सामने आए

अब लगभग तीन हज़ार अज्ञात छात्रों पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कराई है। इसके बाद कांग्रेस ने उसे घेरते हुए छात्रों का पक्ष लिया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा है कि बच्चे फीस दे रहे हैं और अलग अलग प्रदेशों से यहां पढ़ने आए हैं। जब बच्चे यहां पढ़ने आते हैं तो माता पिता सोचते हैं कि उन्हें ठीक से खाना मिल रहा होगा। लेकिन खाना ढंग से नहीं मिलता और किसी बच्चे की मौत होती है तो इसके लिए कौन ज़िम्मेदार होगा। उन्होंने सवाल किया कि क्या ये विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है कि जब छात्र शिकायत कर रहे हैं तो वो जवाबदेही लें और मामला पता करें। उन्होंने कहा कि तीन हज़ार बच्चों के भविष्य के साथ यूनिवर्सिटी प्रशासन ज्यादती कर रहा है और वो पूरी तरह उनके साथ खड़े हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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