सत्ता गंवाने के बाद भाजपा ने सालभर क्या किया…संघ को देना होगा जवाब

सत्ता गंवाने के बाद भाजपा ने सालभर क्या किया…संघ को देना होगा जवाब

भोपाल।
सत्ता से हटने के बाद बीजेपी ने मध्यप्रदेश में क्या किया अब इसका हिसाब देना होगा। संघ प्रमुख मोहन भागवत अगले हफ्ते भोपाल में होने वाली बैठक में बीजेपी से सालभर के कामकाज का हिसाब लेंगे।वही पार्टी के अंदर चल रही खींचतान को लेकर भी चर्चा की जाएगी। इसमें बीजेपी के कई दिग्गज नेता शामिल होंगे।

इन दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मोहन भागवत मध्यप्रदेश दौरे पर है । गुना से लौटने के बाद वे पांच और छह फरवरी को भोपाल में संघ से जुड़े आनुशांगिक संगठनों की बैठक लेंगे।जिस बीजेपी के कई बड़े नेता शामिल होंगे। इस बैठक में बीजेपी को सत्ता गंवाने के बाद सालभर में किए काम का हिसाब देना होगा। वही नेताओं को बीजेपी के कब्जे वाली झाबुआ विधानसभा उपचुनाव की हार का भी असल कारण बताना होगा। इतना ही नही आने वाले दो विधानसभा उपचुनाव (जौरा और आगर) में बीजेपी की जीत के लिए क्या रणनीति है किसे जिम्मेदारी मिलेगी, किन मुद्दों पर चुनाव लड़ा जाएगा आदि की भी जानकारी देनी होगी।

इन मुद्दों को लेकर भी होगी चर्चा
वही सीएए , नए प्रदेशाध्यक्ष समेत कई मुद्दों को लेकर बीजेपी में चल रही अंतकलह को लेकर भी चर्चा की जाएगी।विधायकों की नाराजगी पर भी जोर दिया जाएगा। पिछले साल भाजपा के दो विधायक शरद कोल ब्यौहारी और नारायण त्रिपाठी मैहर ने विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस सरकार के पक्ष में मतदान किया था। तभी से दोनों विधायकों की स्थिति को लेकर भाजपा पूरी तरह आश्वस्त नहीं है।वही हाल ही में सीएए को लेकर नारायण त्रिपाठी ने पार्टी लीक से हटकर बयान दे दिया था।वही सियासी गलियारों में उनके कांग्रेस में जाने की अटकलें भी जोर पकड़ रही है।समन्वय बैठक में इन गंभीर मुद्दों पर अलग से चर्चा होगी। सीएए सहित राम मंदिर, तीन तलाक और अन्य मसलों पर भी चर्चा होने की संभाना है

बैठक मे शामिल होंगे ये दिग्गज
इन संगठनों की बैठक में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह, संगठन महामंत्री सुहास भगत, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव भी मौजूद रहेंगे। मुख्य सचेतक डॉ. नरोत्तम मिश्रा सहित सहित कुछ केंद्रीय मंत्रियों और राष्ट्रीय पदाधिकारियों को भी बुलाया गया है, लेकिन दिल्ली चुनाव और लोकसभा सत्र के चलते आने की उम्मीद कम है

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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