राज्यसभा का रण, क्या कहता है सियासी गणित

राज्यसभा का रण, क्या कहता है सियासी गणित

भोपाल| कोरोना (Corona) के चलते स्थगित किये गए 7 राज्यों की 18 राज्यसभा (Rajyasabha) सीटों पर चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है| इनमे मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) से रिक्त हुई तीन सीटें भी शामिल हैं| जहां से भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेता मैदान में है| मध्यप्रदेश की तीन रिक्त सीटों पर होने वाले चुनाव में कांग्रेस से दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) और फूल सिंह बरैया (Fool Singh Baraiya) तो भाजपा से ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) और प्रोफेसर सुमेर सिंह सोलंकी (Sumer Singh Solanki) प्रत्याशी हैं।

दो विधायकों के निधन और 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद अब 230 सदस्यीय विधानसभा के 206 सदस्य मतदान में हिस्सा लेंगे। दलीय स्थिति के आधार पर भाजपा को दो सीटें मिल सकती हैं। हालाँकि राज्यसभा के लिए प्रदेश में उठा पटक देखने को मिली थी| लेकिन कोरोना के चलते राज्यसभा चुआव की चर्चा थम गई थी| अब एक बार फिर चर्चाएं शुरू हो गई हैं| राज्यसभा की तीन सीटें भाजपा के प्रभात झा और सत्यनारायण जटिया तथा कांग्रेस के दिग्विजय सिंह का कार्यकाल समाप्त होने की वजह से रिक्त हुई थीं। इन रिक्त सीटों के लिए चुनाव 26 मार्च को होना था, लेकिन कोरोना संकट के कारण चुनाव आयोग ने इसे स्थगित कर दिया था।

ऐसा है सियासी गणित
इन सीटों पर 19 जून को वोटिंग होगी। 22 जून के पहले पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी| तारीखों की घोषणा के साथ ही उपचुनाव में जुटी पार्टियां अब राज्यसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाएंगी। 3 सीटों में से पूर्व में 2 बीजेपी के खाते में थी। सदन में अभी भाजपा के विधायकों की संख्या 107 और कांग्रेस विधायकों की संख्या 92 है। चार निर्दलीय, दो बसपा और एक सदस्य सपा के हैं। 230 सदस्यीय विधानसभा के 206 विधायक मतदान करेंगे। दो सीटें (जौरा से बनवारीलाल शर्मा और आगर से मनोहर ऊंटवाल) विधायकों का निधन होने की वजह से रिक्त हैं, जबकि 22 विधायक विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं। एक सीट को जीतने के लिए 52 विधायकों की जरूरत होगी। ऐसे में बीजेपी के पास अकेले 107 विधायक हैं, दलीय स्थिति के आधार पर भाजपा को दो सीटें मिल सकती हैं।

तैयारी में जुटा विधानसभा सचिवालय
तारीखों की घोषणा के साथ ही विधानसभा सचिवालय ने वोटिंग की तैयारी शुरू कर दी है। चुनाव के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया जाएगा। कोरोना की स्थिति को देखते हुए मतदान अब समिति कक्ष में नहीं कराया जाएगा। इसके लिए विधानसभा परिसर में ही नई जगह का चयन किया जाएगा। वहीं, वोटिंग के बाद उसी दिन वोटों की गिनती होगी। उसके बाद परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।

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