क्या चीन के राष्ट्रपति के खिलाफ गवाही देने जाएंगे मोदी और ट्रंप!

क्या चीन के राष्ट्रपति के खिलाफ गवाही देने जाएंगे मोदी और ट्रंप!

भोपाल

आपको जानकर हैरानी जरूर होगी..दरअसल एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। बिहार (bihar) के बेतिया में स्थित कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है और याचिका में आरोप चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (shi jinping) के खिलाफ लगाए गए हैं। इस याचिका में डब्ल्यूएचओ (WHO) के डायरेक्टर जनरल डॉ टेडरास एनाथम गैब्रेसस को भी आरोपी बनाया गया है।

कोरोना संक्रमण को लेकर यह मुकदमा स्थानीय वकील (lawyer) मुराद अली ने दायर किया है। इस परिवाद में सुनवाई के लिए सीजेएम की अदालत ने 16 जून की तारीख मुकर्रर की है। वकील साहब का आरोप है कि चीन के राष्ट्रपति ने अपने देश के वुहान से कोरोना संक्रमण फैलाया जो बिहार के बेतिया तक पहुंच गया और डब्ल्यूएचओ के डीजी ने इसे लेकर पूरी दुनिया को झांसे में रखा जिसके कारण स्थितियां इतनी बिगड़ गई। वकील साहब की ओर से इस मुकाबले में गवाह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (donald trump) और भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (narendra modi) को बनाया गया है। यह मामला इसलिए भी दिलचस्प है कि क्या किसी देश की अदालत दूसरे राष्ट्रपति (president) के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दे सकती है और क्या किसी दूसरे देश के राष्ट्रपति को गवाही के लिए बुलाया जा सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 16 तारीख को इस मामले में कोर्ट क्या निर्देश देता है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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