संतो को लेकर कम्प्यूटर बाबा ने सरकार से की ये मांग

संतो को लेकर कम्प्यूटर बाबा ने  सरकार से की ये मांग

इंदौर।आकाश धोलपुरे।

मध्यप्रदेश की राजनीति में एक समय भूचाल लाने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री और षट्दर्शन संत समिति मध्यप्रदेश के अध्यक्ष कंप्यूटर बाबा ने कोरोनाकाल में पीएम मोदी से संतो की रक्षा के लिये गुहार लगाई है। कंप्यूटर बाबा ने महाराष्ट्र में संतो की नृशंस हत्या करने वाले दोषियों को कड़ी से कड़ी की मांग पत्र के जरिये की वही कोरोना संकट के चलते लगाये गए लॉकडाउन के बीच संतो तथा पुजारियों के भोजन का उचित प्रबंध करने की मांग की है। महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा ने बताया कि नदियों के किनारे कुटिया बनाकर रहने वाले संतो की वर्तमान में भूखे मरने की नौबत आ गई है वही मंदिरों के पुजारियों के साथ भी ऐसी ही स्थिति है। उन्होंने पत्र के जरिये मांग की है कि केंद्र सरकार देश के सभी प्रदेशों के मुख्यमंत्री और प्रशासन को निर्देशित करे कि संतो और पुजारियों के भोजन को व्यवस्था की जाए नही तो संत समाज के भूखे मरने की नौबत आ जायेगी। बताया जा रहा है कि बाबा इसके पहले भी पत्र के जरिये पीएम से संतो के भोजन और राशन की मांग कर चुके है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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