Corona effect: जनसंपर्क सचिव ने जिला कलेक्टरों को लिखा पत्र, दिए ये निर्देश

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भोपाल।

जनसम्पर्क सचिव पी नरहरि ने पत्रकारों को कोविड-19 संक्रमण के दौरान समाचार कवरेज में सहयोग के लिये जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किये हैं। कलेक्टरों से कहा गया है कि राज्य शासन द्वारा पत्रकारों को जारी अधिमान्यता कार्ड को प्राथमिकता दी जाये वहीं यह भी उचित होगा कि ऐसे पत्रकारों से उनके वाहन के लिये अलग से अनुमति पत्र की मांग न की जाये।

जनसंपर्क सचिव ने कहा कि राज्य शासन द्वारा जारी अधिमान्यता कार्ड के अलावा अगर मीडिया संस्थानों अथवा समाचार पत्र कार्यालयों में कार्यरत ऐसे कर्मचारी जो कोरोना कवरेज में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। उनके संस्थान द्वारा जारी फोटोयुक्त परिचय-पत्र को मान्यता दी जाये। यदि किसी पत्रकार के पास ये दोनों दस्तावेज नहीं हैं तो जिले के जनसम्पर्क अधिकारी से प्रमाणित कराकर कलेक्टर स्वयं फोटोयुक्त परिचय-पत्र जारी करें। नरहरि ने कलेक्टरों से कहा है कि इन तीनों दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज रखने वाले पत्रकारों को सोशल डिस्टेंसिंग बनाते हुए समाचार संकलन की अनुमति दी जाये।

दरअसल इस बीच अपने लिखे पत्र में जनसंपर्क सचिव ने कहा है कि जिले में अभी 21 दिन का लॉक डाउन लागू है। ऐसे में जरूरी है कि जनता को सही एवं प्रमाणित खबरें प्राप्त हो जिससे कि महामारी की विभीषिका को फैलने से रोकने के लिए आवश्यक कदमों के साथ-साथ आए दिन आ रहे भ्रामक खबरों से फैलने वाले आशंकाओं से भी उन्हें दूर रखते हुए सेवाभावी लोगों की सेवा ली जा सके। जहां पत्रकारों की भूमिका अहम हो जाती है। किंतु इस लॉक डाउन और कर्फ्यू जैसी स्थिति में पत्रकारों को उनके कर्तव्य पालन में सक्रिय सहयोग नहीं मिल पा रही है। उनसे कई तरह के कर्फ्यू कार्ड मांगे जा रहे हैं एवं उनके प्रमाण पत्र को भी स्वीकार नहीं किया जा रहा है। जिसके बाद जनसंपर्क सचिव पी नरहरि ने कलेक्टर से अनुरोध किया है कि वो पत्रकारों को समाचार संग्रहण करने में मदद करें एवं समाज में फैल रही फॉर्म करो को दूर करते हुए जनता तक सत्य एवम् प्रामाणिक खबरें पहुंचने दें।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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