इस खबर पर नाराज हुए दिग्विजय सिंह, बोले- ‘यह मेरी बेटी नहीं है’

digvijay-singh

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| अक्सर अपने ट्वीट को लेकर सुर्ख़ियों में रहने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) आज बिना वजह भी सुर्ख़ियों में आ गए| इसके पीछे की वजह भी हैरान करने वाली है| देश के एक प्रतिष्ठित न्यूज़ चैनल के पोर्टल की एक खबर ने दिग्विजय को परेशान कर दिया| इस फेक न्यूज़ (Fake News) से नाराज दिग्विजय ने ट्वीट कर कहा क्या अब मैं उन पर मानहानि का दावा करू?

दरअसल, रविवार को इंटरनेशनल शूटर श्रेयसी सिंह (Shreyasi singh) भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गईं। श्रेयसी पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) की बेटी हैं। श्रेयसी ने दिल्ली में भाजपा की सदस्यता ली। उनके बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election) में टिकट मिलने की चर्चा भी चर्चा चल रही है| बिहार से सम्बंधित इस घटनाक्रम को मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) से जोड़ लिया गया| श्रेयसी के पिता और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम का नाम एक जैसा होने पर भ्रम की स्थिति बन गई| ‘आज तक ने तो अपने पोर्टल पर इसको लेकर खबर भी चला दी| जिसमे उन्होंने यह तक कहा कि दिग्विजय सिंह के घर में भाजपा ने सेंध लगा दी| जैसे ही यह खबर दिग्विजय सिंह तक पहुंची उन्होंने तत्काल इसको लेकर ट्वीट कर कहा कि श्रेयसी सिंह मेरी पुत्री नहीं हैं।

दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर लिखा, आजतक फेक न्यूज़ चला रही है। क्या मैं उन पर मानहानि का दावा करूँ? श्रेयसी सिंह मेरी पुत्री नहीं हैं। पूर्व सीएम के ट्वीट के बाद फेक खबर को लेकर आज तक को ट्रोल किया जाने लगा|

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews