Indore: दवा सहित ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी डाल रही है आफत में जान

Indore: दवा सहित ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी डाल रही है आफत में जान

इंदौर।आकाश धौलपुरे

मध्यप्रदेश(madhya pradesh) के इंदौर(indore) में कोरोना(corona) जैसी महामारी पर भी कालाबजारी की जा रही है। दरअसल अब तक आपने सुना होगा कि कोरोना संकट के बीच किराना सामान की कालाबाजारी चल रही है लेकिन इंदौर में बिचौलियों के माध्यम से मेडिकल एक्यूपमेंट्स(medical equipment) और मेडिसिन(medicine) की भी कालाबाजारी की जा रही है। बता दे मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा दवा बाजार इंदौर मे है और यहां से समूचे इंदौर में दवाओं सहित अन्य मेडिकल एक्यूप्मेंट्स खरीदकर बिचौलिये उन लोगों तक पहुंचा रहे है। जो घरों में बंद होकर ही खुद का और अपने परिवार का इलाज कर रहे है।

इंदौर जिला प्रशासन(District administration) खुद इस बात को मान रहा है कि शहर में बिचौलिये सक्रिय है और वो लोगो तक ऑक्सीजन सिलेंडर(oxygen cylinder) भी पहुंचा रहे है। बता दे कि मीडिया(media) के जरिये ये बात सामने आई है कि शहर के कोरोना प्रभावित क्षेत्रों में चोरी छिपे मेडिकल उपकरण और दवाइयों खरीद फरोख्त की जा रही है साथ ही कोरोना प्रभावित इलाको में ऑक्सीजन जनरेटर(oxygen generator) सहित हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन(hydroxy chloroquine) दवाइयां बड़े पैमाने पर खरीदी जा रही है। इस मामले को लेकर शहर के दवा बाजार के कुछ कारोबारियों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण दवा बाजार की 95 प्रतिशत दुकाने बंद है और ट्रांसपोर्टेशन(transportation) की कमी के चलते एक्यूप्मेंट्स और दवाई कम मात्रा में आ रही है इसलिए कालाबाजारी जैसी बात तो दवा बाजार में नही है। वही कुछ कारोबारी मान रहे है कि कोरोना के चलते बाजार के बाहर कालाबाजारी हो रही होगी। जिस पर प्रशासन को एक्शन लेना चाहिये।

इधर इस गम्भीर मामले पर इंदौर जिला कलेक्टर(district collector) मनीष सिंह(manish singh) ने माना कि मीडिया रिपोर्ट में जो बात सामने आई है वो सही है और हमने तत्काल शहर के 5 बॉटलिंग प्लांट से संपर्क किया है जिसके बाद ये बात सामने आई है कि शहर में 50 डीलर्स(dealers) है जो ऑक्सीजन सिलेंडर कि सप्लाय(supply) करते है। कलेक्टर ने कहा कि शहर में एक बिचोलिया ऐसा था जो डीलर्स से सामंजस्य रख कुछ जगह पर ऑक्सीजन सिलेंडर दे रहा था। कलेक्टर ने कहा कि हम लोगो की सर्वे टीम(survey team) का मुख्य उद्देश्य यही था कि कोरोना के लक्षण वाले मामलो की पहचान की जा सके और उन्हें बस्तियों से निकालकर अस्पताल में इलाज करा सके। कलेक्टर ने साफ किया जब तबीयत ज्यादा खराब होती है लंग्स खराब होते है तब वेंटिलेटर(ventilators) और बायपास भी काम नही करते है। वही प्रशासन अब इस मामले में विशेष क्षेत्रो में सिलेंडर सप्लाय करने वाले व्यक्ति की तलाश में जुट गया है और जल्द ही पहचान कर बिचोलिये को गिरफ्त में लेने के बाद पूछताछ की जाएगी। प्रशासन को जानकारी मिली है 7 – 8 दिन पहले जिन क्षेत्रों में सिलेंडर ज्यादा संख्या में बिचोलिये द्वारा भेजे जा रहे थे अब उसी बिचोलिये ने सिलेंडर की कालाबाजारी फिर से शुरू कर दी है। एक तरफ जहां इंदौर पर कोरोना वार पर वार किए जा रहा है। वही दूसरी ओर कालाबाजारी करने वाले आधे अधूरे ज्ञानियों को वो चीजे मुहैया करा रहे है जो उनके व उनके परिवार के लिये घातक साबित हो सकती है। ऐसे में हम आपसे अपील करते है कि कोरोना के लक्षण सामने आने के बाद स्वयं इलाज करने के बजाय आप सीधे अस्पताल और प्रशासन से संपर्क करे। नही तो बिचोलिये अपनी काली कमाई के चक्कर मे आपको इस दुनिया से रुखसत करने के लिए तैयार बैठे है।

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