इस्तीफे के बाद कांग्रेस विधायक दल को कमलनाथ का संबोधन

इस्तीफे के बाद कांग्रेस विधायक दल को कमलनाथ का संबोधन

भोपाल।

कांग्रेस विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री कमलनाथ का कहना है कि निराश होने की आवश्यकता नहीं, मैंने कई जीतते हुओं को हारते हुए भी देखा है। गलत तरीके से मिली जीत लम्बे समय तक नहीं टिकती है। लोकतांत्रिक मूल्यों को परेशान किया जा सकता है, पर खत्म नहीं किया जा सकता है। उनका यह भी कहना है कि मैंने तो वो दौर भी देखा है जब इंदिरा गांधी जी भी चुनाव हार गईं थीं, ऐसा लगता था कि कांग्रेस कभी दोबारा सत्ता में लौट कर नहीं आएगी, लेकिन वह मजबूती से वापस लौटी थी। उन्होंने उस दौर के कई ऐसे भी उदाहरण दिए हैं जिन्हे वह आज तक नहीं भूल पाए है, इसलिए वह आज जरा भी निराश या विचलित नहीं है।

साथ ही उनका कहना है कि जिस दिन उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, उस समक्ष कई चुनौतियाँ आयी थी। जिस्मे वर्षों के शासकीय तंत्र की व्यवस्था में सुधार करने की आवश्यकता थी, अपने वचनों को पूरा करने की चुनौती थी। उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले ही यह निर्णय लिए की मैं किसानों का कर्ज माफ़ करुगा, जिसके लिए भी अधिकारी उस समय तैयार नहीं थे लेकिन उन्होंने दृढ़ता से किसान हित में निर्णय लिया था। हलाकि उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में बजट की व्यवस्था थी या नहीं मैं उस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता हूँ लेकिन वर्तमान में बजट को लेकर मैंने खूब तैयारियां की थी ।

उन्होंने बताया कि बीजेपी आज प्रलोभन देकर हमारी सरकार को गिराने का काम किया है लेकिन कमलनाथ ने अपनी बैठक में यह कहा कि बीजीपी मिलावटी सरकार कब तक चल पाएगी, इसकी सच्चाई थोड़े दिन मेंखुद ही सामने आ जाएगी। भाजपा कैसे लोभियों को सहन करेगी, जिनके सामने वो लड़ी है, उनके लोग उन्हें कैसे सहन करेंगे, यह थोड़े ही दिन में सब को पता चल ही जाएगा। उनका मानना है कि उनके पास प्रलोभन के इस खेल के सारे प्रमाण मौजूद हैं, वक्त आने पर ही जनता के समक्ष रखूँगा,और कहा कभी मैं कभी पद के पीछे नहीं भागा हूँ। जब मुझे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गयी थी, उस समय प्रदेश के कांग्रेसजनों में एक निराशा का भाव था। प्रदेश में 15 वर्ष से हमारी सरकार का गठन नहीं हुआ था, एवं उस संगठन को मजबूत बनाने का काम किया और प्रदेश में कांग्रेस को सभी के सहयोग से सत्ता तक पहुंचने का भी काम किया है। कमलनाथ को सभी जनता का साथ मिला, इसे वह कभी भूल नहीं पाएंगे। कमलनाथ ने अंत में कहा कि हमारा साथ जीवनभर का साथ है, तथा मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि हमेशा आपके साथ रहूँगा। साथ ही उन्होंने यह आश्वासन दिया है की वह एक बार फिर से सत्ता में वापस लौटेंगे और कड़ी मजबूती के साथ लौंटेंगे।

Gaurav Sharma
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