कमल पटेल ने दिए निर्देश, नर्मदा अवैध रेत खनन करने पर दर्ज हो हत्या के प्रयास का मामला

kamal patel

भोपाल।

प्रदेश में लॉकडाउन(lockdown) के बीच नर्मदा(narmada) नदी के किनारे रेत के अवैध खनन जारी है। जिसको लेकर अब प्रदेश के किसान कल्याण और कृषि विकास मंत्री कमल पटेल (Kamal Patel) ने सख्त रुख अपनाया है। रविवार को जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कमल पटेल ने कहा कि जो लोग अवैध तरीके से मशीनों के माध्यम से नर्मदा नदी (Narmada River) में रेत उत्खनन कर रहे हैं, उन पर नदी की हत्या के प्रयास के तहत मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि मां नर्मदा हमारी श्रद्धा का केंद्र है। इसलिए मां नर्मदा का प्रत्येक कंकड़ शंकर है।

दरअसल रविवार को कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने नर्मदापुरम और जबलपुर(jabalpur) संभागों के 11 जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि नर्मदा से जेसीबी जैसी किसी भी प्रकार की मशीन से उत्खनन किया जाना पूर्णत: प्रतिबंधित किया गया है। समय-समय पर सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) और अन्य न्यायालयों ने भी सभी नदियों में मशीनों से उत्खनन करने पर रोक संबंधी आदेश दिए हैं। जिसके बाद भी अवैध उत्खनन जारी है। पटेल ने ये भी कहा है कि मशीनों से किए जा रहे उत्खनन को रोकने के लिए उत्खनन स्थलों पर सघन निगरानी रखी जाए। जिन रास्तों से होकर रेत का परिवहन किया जाता है। उन पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से नजर भी रखी जाए।

नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग के प्रभारी मंत्री ने कहा कि मां नर्मदा हमारी जीवनदायिनी नदी है। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मां नर्मदा को एक जीवित इकाई माना गया है। वहीँ उन्होंने कहा है कि वो प्रदेश के उन जिलों के अधिकारियों को भी शीघ्र पत्र लिखेंगे। जिन जिलों से होकर यह नदी गुजरती है और उनको भी निर्देश देंगे। जो लोग अवैध तरीके से मशीनों के माध्यम से नर्मदा में रेत उत्खनन कर रहे हैं। उन पर मां नर्मदा की हत्या के प्रयास के तहत मामला दर्ज किया जाए। बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार ने मई 2017 में नर्मदा को जीवित इकाई घोषित किया था।

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