MP में फिर आगे बढाया जा सकता लॉक डाउन, CM ने दिए संकेत

MP में फिर आगे बढाया जा सकता लॉक डाउन, CM ने दिए संकेत

भोपाल।
मध्यप्रदेश में कोरोना तेजी से पैर पसार रहा है।प्रदेश में कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीजों की संख्या 1590 से ऊपर पहुंच गई है, वहीं इससे अब तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदेश में लगातार बढते कोरोना वायरस के मरीजों को देखते हुए लॉक डाउन की अवधि बढ़ाई जा सकती है।एक निजी चैनल से चर्चा में सीएम शिवराज ने इसके संकेत दिए है। वही आज सीएम शिवराज सिंह चौहान फेसबुक लाइव के जरिए प्रदेशवासियों से रुबरु होंगे।

दरअसल, इंदौर में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या 945 हो गई है। वहीं भोपाल में 290, उज्जैन में 57 और जबलपुर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 31 हो गई है।इसके अलावा अन्य जिलों में भी दस से कम कोरोना पॉजिटिव मरीज है।हालांकि राज्‍य कई जिले जैसे मंडला , बालाघाट, सिवनी और उमरिया जिले अब भी अछूते है।ऐसे में माना जा रहा है कि मध्‍य प्रदेश के जिन जिलों में मरीजों की संख्या ज्यादा है, वहां आगामी तीन मई के बाद भी लॉक डाउन जारी रह सकता है।

मुख्‍यमंत्री ने एख निजी चैनल से चर्चा के दौरान इसके संकेत दिए है। सीएम ने कहा कि इंदौर, भोपाल, उज्‍जैन, खरगोन ये जिले ऐसे हैं जहां मुझे नहीं लगता कि हम इन शहरों में तीन मई को लॉक डाउन समाप्‍त कर सकेंगे। प्रधानमंत्रीजी ने कहा है कि जान है तो जहान है। हमारी भी पहली प्राथमिकता यही है। हमें दोनों चीजें देखना है। जहां कोरोना का संक्रमण नहीं है वहां गतिविधियां आरंभ कर दी जाएंगी। आधा मध्‍य प्रदेश कोरोना संक्रमण से मुक्‍त है। कुछ जिले ऐसे हैं जहां कुछेक पॉजिटिव केस आ रहे हैं उन्‍हें भी हमने कंट्रोल कर लिया है। भोपाल में विदेशी जमाती के कारण कोरोना फैला है। कई जमाती पाॅजिटिव पाए गए।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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