नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने घर की छतपर लगाया काला झंडा, जानें इसकी वजह

नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने घर की छतपर लगाया काला झंडा, जानें इसकी वजह

पटियाला, डेस्क रिपोर्ट।  पंजाब सरकार के पूर्व मंत्री, कांग्रेस नेता और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) ने मंगलवार को अपने घर की छत पर काला झंडा लगाया।  उनके साथ उनकी पत्नी पूर्व विधायक नवजोर कौर सिद्धू (Navjot Kaur Sidhu) भी थी।  ट्विटर पर काला झंडा लगाने की वीडियो शेयर करते हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि ये काला झंडा तीन काले कृषि कानूनों के खिलाफ है।

तेज तर्रार नेता और अपने भाषण और शैली के लिए पहचाने जाने वाले पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu)ने कृषि कानूनों के समर्थन में मंगलवार को पटियाला वाले आवास की छत पर काला झंडा लगाया। दूसरी तरफ उनकी बेटी राबिया ने अमृतसर वाले आवास पर काला झंडा लगाया।

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काला झंडा लगाने के नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu)ने छत पर ही एक वीडियो बनाया और उसे ट्विटर पर शेयर किया जिसमें वे तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) ने वीडियो में कहा कि काले कृषि कानूनों के लिए ये काला झंडा है।  कृषि कानून किसानों को बर्बाद कर देंगे।  उन्होंने सभी पंजाबियों से किसान आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है।

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पंजाबी में वीडियो शेयर करते हुए नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) ने कहा कि पिछले 20 – 25 साल से किसानों की आमदनी घट रही है व्यापार कमजोर है , कर्ज बढ़ रहा है और ऐसे में किसानों को आंदोलन करना पड़ रहा है। सिद्दू ने कहा कि यदि इन तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया गया तो पंजाब फिर खड़ा नहीं हो पायेगा।  मेरे घर पर लगा ये काला झंडा अब तब तक नहीं उतरेगा जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं हो जाते।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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