Cyclone Yaas पर सरकार की नजर , अमित शाह के निर्देश क्षेत्रीय भाषा में प्रसारित करें संदेश

Cyclone Yaas

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट।  चक्रवाती तूफ़ान यास (Cyclone Yaas) की संभावित तीव्रता को देखते हुए केंद्र सरकार ने तैएरीयन तेज कर दी हैं।  गृह मंत्रालय यास से जुडी हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं।  गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल,  ओडिशा  और आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्रियों से वीसी के जरिये बात की और भरोसा दिलाया कि गृह मंत्रालय 24 घंटे आपके साथ है।  उन्होंने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने के प्रयास तेज करें और स्थानीय भाषाओँ में संदेश प्रसारित करें जिससे किसी को संदेश समझने में तकलीफ ना हो।

बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान यास (Cyclone Yaas) के बुधवार को ओडिशा और पश्चिम बंगाल पहुंचने के आसार हैं। चक्रवाती तूफान यास को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर  हो गया है उधर कुछ लोगों ने खुद अपने घरों से पलायन शुरू कर दिया है।

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गृहमंत्री अमित शाह रबंगल, ओडिशा, आंधप्रदेश के मुख्यमंत्रियों और अंडमान के एलजी से संपर्क बनाये हुए हैं।  उन्होंने सोमवार को वीसी के जरिये बात करते हुए कहा कि गृह मंत्रालय 24 घंटे आपकी मदद करने के लिए तैयार है। मंत्रालय में तूफान यास (Cyclone Yaas) की निगरानी के लिए बनाया गया कंट्रोल रूम चौबीस घंटे काम करता रहेगा।  अमित शाह ने मुख्यमंत्रियों से उनके यहाँ के औक्सीजन संयंत्रों की सुरक्षा की जानकारी ली। उन्होंने कोरोना मरीजों, अस्पतालों, दवाइयों, वैक्सीन सहित सभी की विशेष सुरक्षा करने के लिए कहा है।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि निचली बस्ती के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया जाये और सभी राज्य स्थानीय भाषा में संदेश प्रसारित करें जिससे लोगों को संदेश समझने में परेशानी ना हो और राहत कार्य में कोई परेशानी ना आये।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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