अब उज्जैन में कोरोना से जंग हारा कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ एक बाबू

अब उज्जैन में कोरोना से जंग हारा कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ एक बाबू

उज्जैन।

इंदौर और राजधानी भोपाल के बाद अब कोरोना महामारी उज्जैन में भी तेजी से अपने पांव फैला रही है। गुरुवार की रात 13 नए मरीज मिलने के बाद उज्जैन में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 100 पहुंच गया है। वही कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ एक सरकारी बाबू की भी कोरोना संक्रमण से मौत हो गई है। इसी के साथ उज्जैन ने मरने वालों की संख्या 14 पहुंच गई है।

वही 13 नए कोरोना(corona) संक्रमित मरीज मिलने की पुष्टि करते हुए कलेक्टर(collector) शशांक मिश्रा ने कहा कि इनमें आम लोगों के अलावा कलेक्ट्रेट के एक सरकारी बाबू के साथ जिला अस्पताल(city hospital) की नर्स और एक डॉक्टर भी शामिल है। पॉजिटिव(positive) होने की जानकारी के बाद सभी को कवारांटाइन कर उनका इलाज किया जा रहा है। वही कार्यालय में पदस्थ सरकारी बाबू के संक्रमण में आने की वजह से पांच अन्य कर्मचारी भी पॉजिटिव पाए गए हैं। कलेक्टर ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि उन सभी का इलाज किया जा रहा है।

वहीं इससे पहले बुधवार दिन भर में तीन चरणों में करीब 400 रिपोर्ट आईं। सुबह पांच लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। दोपहर में 12 और लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, वहीं देर रात नौ और मरीजों में कोरोना मिला। बुधवार को जो नए मामले आए, उनमें बच्चे से लेकर युवा और बुजुर्ग सभी आयुवर्ग के लोग शामिल हैं।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews