महिला दिवस: पद्मभूषण सुमित्रा ताई का संदेश, महिला अपने गुणों के पहचाने और आगे बढ़े

महिला दिवस: पद्मभूषण सुमित्रा ताई का संदेश, महिला अपने गुणों के पहचाने और आगे बढ़े

इंदौर, आकाश धौलपुरे। पूर्व लोकसभा स्पीकर और पद्मभूषण सुमित्रा महाजन (Sumitra Mahajan) ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Womens Day)  के मौके पर सभी को शुभकामनाएं दी और इस मौके पर उन्होंने कहा कि स्त्री एक मनुष्य है और स्त्री समाज में विलीन है और हम मिलकर के एक समाज हैं। महिलाएं बहुत आगे जा रही हैं और सक्षम भी हैं। सबकी प्यारी ताई ने सबसे पहले कहा कि धीरे धीरे क्षेत्र बदल रहा है और हर क्षेत्र में महिला आगे आ रही हैं।

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वरिष्ठ भाजपा नेत्री सुमिता महाजन (Sumitra Mahajan)ने कहा कि महिला दिवस मनाने के मायने बदलना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्त्री को अपने आप में आत्मविश्वास लाना चाहिए और स्त्री को कोई दूसरा कहे उसके बजाय वो स्वयं कहे कि हां मैं ये कर सकती हूँ । स्त्री को अपने गुणों को पहचान कर आगे बढ़ना चाहिए।  उन्होंने कहा कि  सबसे बड़ी बात ये है कि स्त्री यानि कोई एक शरीर ये दृष्टिकोण बदलना जरुरी है।  स्त्री भी मनुष्य है यही दृष्टिकोण बनाना है।  उन्होंने कहा कि जहां नारी की पूजा होती है वहां हर काम तो सफल होता है लेकिन आगे ये भी कहा गया है कि जहां नारी की पूजा और सम्मान नहीं होता है वहां कोई भी काम सफल नहीं होता है।

उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर कहा कि स्त्री और पुरुष सम्पूर्ण समाज के दो हिस्से हैं और दोनों मिलकर समाज को आगे ले जाएं । वही उन्होंने महिलाओं से अपील की है कि वो अपनी शक्ति को पहचाने और आत्मविश्वास कैसे प्राप्त हो ये बात सोचें।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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