वैक्सीन पर सियासत : अखिलेश ने कहा- नहीं लगवाऊंगा BJP का टीका, सारंग बोले- क्या पाकिस्तान में बनी वैक्सीन लगवाएंगे

वैक्सीन पर सियासत : अखिलेश ने कहा- नहीं लगवाऊंगा BJP का टीका, सारंग बोले- क्या पाकिस्तान में बनी वैक्सीन लगवाएंगे

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| देश भर में कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) के ड्राई रन की शुरुआत हो गई है। वहीं इसको लेकर सियासत भी जारी है| समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा है कि मैं बीजेपी (BJP) की कोरोना वैक्सीन को नहीं लगवाऊंगा। मुझे इनकी वैक्सीन पर भरोसा नहीं है। अखिलेश यादव के इस बयान पर मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग (Vishvas Sarang) ने हमला बोला है| उन्होंने कहा क्या अखिलेश यादव पाकिस्तान में वैक्सीन बनने पर टीका लगवाएंगे|

दरअसल, मंत्री सारंग ने कहा COVID-19 की वैक्सीन को BJP की वैक्सीन बताकर अखिलेश यादव उन वैज्ञानिकों का अपमान कर रहे हैं जिन्होंने जान जोखिम में डालकर वैक्सीन तैयार की है। इतना ग़ैर ज़िम्मेदारी भरा बयान मौलाना अखिलेश यादव ही दे सकते हैं। उन्होंने कहा क्या क्या अखिलेश यादव पाकिस्तान में वैक्सीन बनने पर टीका लगवाएंगे| उनको तब ही ख़ुशी होगी जब पाकिस्तानी में वैक्सीन बनेगी|

इससे पहले अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि जो सरकार ताली और थाली बजवा रही थी, वो वैक्सीनेशन के लिए इतनी बड़ी चेन क्यों बनवा रही है| ताली और थाली से ही कोरोना को भगवा दें ना| मैं बीजेपी की कोरोना वैक्सीन को नहीं लगवाऊंगा। मुझे इनकी वैक्सीन पर भरोसा नहीं है। शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश ने भारत सरकार की कोरोना वैक्सीन को बीजेपी का वैक्सीन करार दिया। उन्होंने कहा जब हमारी सरकार बनेगी तो सभी को मुफ्त वैक्सीन मिलेगी, हम बीजेपी की वैक्सीन नहीं लगवा सकते हैं|

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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