कृषि मंत्री की संवेदनशीलता, एक्सीडेंट देख रुकवाई गाड़ी, घायलों को अपने वाहन से भेजा अस्पताल

कृषि मंत्री की संवेदनशीलता, एक्सीडेंट देख रुकवाई गाड़ी, घायलों को अपने वाहन से भेजा अस्पताल

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) के कृषि मंत्री कमल पटेल (Kamal Patel) ने एक बार फिर संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सड़क हादसे (Road Accident) को देख ना सिर्फ अपनी गाडी रुकवाई बल्कि घायलों को अपने वाहन से उपचार के लिये रवाना किया| साथ ही उन्होंने डॉक्टर को फ़ोन लगाकर तत्काल घायलों को प्राथमिक उपचार मुहैया कराने के निर्देश दिए|

दरअसल, किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल हरदा (Harda) से भोपाल (Bhopal) आ रहे थे| इसी दौरान चापड़ा के पास हुई एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई| मंत्री पटेल ने हादसे को देख गाडी रुकवाई और कार सवार घायलों को अपने वाहन से उपचार के लिये रवाना किया। मंत्री श्री पटेल ने संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़कर घायलों की मदद की। उन्होंने समीपस्थ ग्राम देवगुराड़िया के डॉ. रवि वर्मा को फोन कर तत्काल समुचित प्राथमिक उपचार मुहैया कराने के निर्देश दिये।

ओव्हर-लोडेड वाहनों पर कार्रवाई के दिए निर्देश
इसके बाद कृषि मंत्री पटेल ने स्वयं के काफिले के एक वाहन से घायलों को चिकित्सा केन्द्र के लिये रवाना किया। मंत्री श्री पटेल ने घटना-स्थल से ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर मौजूद डम्पर को जप्त करने के निर्देश दिये। उन्होंने हरदा के कलेक्टर और एस.पी. को इंदौर-हरदा स्टेट हाई-वे पर दौड़ रहे ओव्हर-लोडेड वाहनों की जप्ती कर एफआईआर की कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews