कोटा में फंसे छात्रों को वापस लाने की तैयारी में शिवराज सरकार, भेजी जाएंगी 100 बसें

कोटा में फंसे छात्रों को वापस लाने की तैयारी में शिवराज सरकार, भेजी जाएंगी 100 बसें

भोपाल।

उत्तरप्रदेश सरकार(up government) के निर्णय की ही तर्ज पर अब मध्यप्रदेश सरकार(mp government) भी प्रदेश के मेडिकल(medical) और इंजीनियरिंग(engineering) की तैयारी कर रहे छात्रों को राजस्थान(rajasthan) के कोटा(kota) से वापस लाने की तैयारी में है। जिसके लिए शिवराज सरकार(shivraj government) से मिले निर्देशों के तहत श्योपुर(sheopur) कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कोटा कलेक्टर(kota collector) ओमप्रकाश कसेरा से बात की है। माना जा रहा है कि एक-दो दिन में करीब 100 बसें मध्य प्रदेश से कोटा भेजी जाएगी। 50 सीटों वाली इन बसों में 20 से अधिक छात्रों के बैठने की अनुमति नहीं होगी। वही प्रदेश में आने से पूर्व ही उन छात्रों की स्क्रीनिंग(screening) की जाएगी।

बताइए कि मध्य प्रदेश से कुल 25000 छात्राएं कोटा राजस्थान में रहकर मेडिकल तथा इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। किंतु कोरोना महामारी(corona pandemic) के बीच लॉक डाउन की वजह से वे राजस्थान के कोटा में ही फंसे रह गए।जिनको वापस प्रदेश लाने के लिए अब शिवराज सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। एक-दो दिन में प्रदेश से करीब 100 बसें छात्र छात्राओं को वापस लाने के लिए कोटा भेजे जाएंगे। वहीं डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर(deputy transport commisioner) गुणवंत सेवतकर का कहना है कि छात्रों को लाने जाने वाली बसों में खाने-पीने के सामान से ही जरूरी दवाइयां भी रखी जाएगी। इसके साथ ही कुछ पैरामेडिकल स्टाफ(paramedical staff) की बसों में कोटा तक का सफर करेंगे। जिसके लिए राज्य स्तर पर अपर मुख्य सचिव आईसीपी केसरी, गृह विभाग के प्रमुख सचिव एसएन मिश्रा, राजस्थान गुजरात राज्य के साथ समन्वय का काम कर रहें पीडब्ल्यूडी(pwd) के प्रमुख सचिव मलय श्रीवास्तव के अलावा ट्रांसपोर्ट कमिश्नर वी मधुकुमार इस कार्य की देखरेख करेंगे।

गौरतलब हो कि मध्य प्रदेश के कुल 2500 छात्र-छात्राएं कोटा के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में तैयारियां कर रहे हैं। जिन में राजधानी भोपाल के करीब 50 छात्र शामिल है। वहीं इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने भी दो चरणों में करीब 7500 छात्र छात्राओं को कोटा से अपने राज्य वापस बुलाया है।

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